KNEWS DESK- छोटे बच्चों की नींद और उनकी सोने की आदतें उनके शारीरिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ऐसे में पैरेंट्स अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि क्या बच्चे के सिर के नीचे तकिया लगाना चाहिए या नहीं। इस पर विशेषज्ञों की राय साफ है कि नवजात और छोटे बच्चों के लिए तकिया उपयोगी नहीं बल्कि कई बार नुकसानदायक हो सकता है।

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों को तकिया लगाकर सुलाना उचित नहीं माना जाता। डॉक्टरों का कहना है कि शिशु के सिर के नीचे तकिया रखने से उसकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
शिशु की बॉडी अभी विकास की अवस्था में होती है, ऐसे में असंतुलित पोजिशन उसकी मांसपेशियों और स्पाइनल स्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकती है।
तकिया लगाने से क्या हो सकते हैं नुकसान?
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर छोटे बच्चे को ऊंचे या गलत शेप वाले तकिए पर सुलाया जाए तो इससे गर्दन में खिंचाव, असहजता और आगे चलकर रीढ़ से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
डॉक्टर यह भी मानते हैं कि नवजात बच्चों के लिए फ्लैट और सपाट सतह सबसे सुरक्षित होती है।
बच्चे को किस पोजिशन में सुलाना चाहिए?
डॉक्टरों की सलाह है कि छोटे बच्चों को हमेशा पीठ के बल (Back Sleep Position) सुलाना चाहिए।
पेट के बल सुलाना (Stomach Sleeping) शिशु के लिए खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इससे सांस लेने में दिक्कत और अन्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
सोते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ पैरेंट्स को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं—
- बच्चे के आसपास रजाई, तकिया या भारी कपड़े न रखें
- क्रिब या बेड में सॉफ्ट टॉयज न रखें
- बिस्तर हमेशा सपाट और मजबूत होना चाहिए
- बच्चे को सोफे या बहुत सॉफ्ट गद्दे पर न सुलाएं
- कमरे का वातावरण शांत और हल्का अंधेरा रखें
बच्चे की नींद का रूटीन बनाना जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार बच्चों के लिए एक फिक्स्ड स्लीप टाइम तय करना बहुत जरूरी है। इससे बच्चे की नींद नियमित होती है और उसका शारीरिक व मानसिक विकास बेहतर तरीके से होता है।
छोटे बच्चों के लिए तकिया लगाना जरूरी नहीं बल्कि कई मामलों में हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि शिशु को सुरक्षित और फ्लैट सतह पर पीठ के बल सुलाना ही सबसे बेहतर और सुरक्षित तरीका है।