Knews Desk- राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर एक बार फिर सियासी और धार्मिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं अगर सामने आती रहीं तो इससे हिंदू समाज का विश्वास कमजोर हो सकता है।
अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में 40 दिनों के भीतर कथित चंदा चोरी के प्रमाण सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद ट्रस्ट की ओर से स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने गंभीर आरोप सामने हैं तो मामले की पारदर्शी जांच क्यों नहीं हो रही है। महाराज ने आगे कहा कि शंकराचार्यों और धर्माचार्यों को निर्णय प्रक्रिया से अलग कर एक कमेटी बनाई गई, ताकि मनमानी की जा सके, लेकिन अब सच्चाई सामने आने लगी है। उन्होंने कहा कि यदि धार्मिक संस्थानों में इस तरह की अनियमितताएं होती रहीं तो इससे आम श्रद्धालुओं का विश्वास टूट सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि “ऐसे मामलों से हिंदुओं का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।”
इसके अलावा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर कहा कि जो पार्टी गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देगी, वही उनका समर्थन पाएगी। उन्होंने नागरिकता को लेकर भी विवादित बयान देते हुए कहा कि आधार कार्ड या पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, जबकि बीजेपी सदस्यता को उन्होंने कटाक्ष में नागरिकता से जोड़ दिया। शंकराचार्य ने पेपर लीक मामलों पर भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और प्रभावित छात्रों को 10 से 15 गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए।
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर धार्मिक परंपराओं के विरोध का आरोप लगाया। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान फिर से स्थापित की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में अयोध्या का विकास तेजी से हुआ है और यह अब अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान अयोध्या और अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद और हिंसा की घटनाएं हुई थीं।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में राम भक्तों पर गोली चलाने जैसी घटनाएं हुई थीं, जिससे प्रदेश की छवि खराब हुई थी। उन्होंने दावा किया कि आज अयोध्या का कायाकल्प प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है और यह शहर अब वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर धार्मिक संस्थानों, राजनीति और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक ओर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर जांच और सच्चाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।