NEET पेपर लीक : CBI का दावा- छात्रों से पैसे लेकर लीक किए सवाल, मनीषा ने आरोपों को नकारा

Knews Desk- NEET-UG पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब इस मामले में 9 जून को अपना आदेश सुनाएगी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और CBI ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे।

मनीषा वाघमारे की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि वह एक प्रमाणित एजुकेशन काउंसलर हैं और छात्रों को काउंसलिंग सेवाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने दावा किया कि CBI जिस वित्तीय लेन-देन को संदिग्ध बता रही है, वह वास्तव में पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े गिफ्ट डीड के माध्यम से प्राप्त करीब 3.50 लाख रुपये की राशि थी। बचाव पक्ष ने कहा कि जांच एजेंसी को उनके घर पर दो बार तलाशी के दौरान कोई नकदी या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।

वकील ने यह भी बताया कि मनीषा 47 वर्ष की हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, विशेष रूप से वर्टिगो, से पीड़ित हैं। हाल ही में उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा था। उन्होंने अदालत से स्वास्थ्य आधार पर जमानत देने की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी।

हालांकि CBI ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। जांच एजेंसी ने दावा किया कि मनीषा वाघमारे केवल एजुकेशन काउंसलर ही नहीं, बल्कि एक ब्यूटी पार्लर भी संचालित करती हैं। CBI के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े प्रश्नों को मनीषा ने अन्य आरोपियों तक पहुंचाया था और इसके बदले छात्रों से धन लिया गया था। एजेंसी ने अदालत को बताया कि उसके पास ऐसे छात्रों के बयान मौजूद हैं जिन्होंने मनीषा को पैसे देने की बात स्वीकार की है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वह CBI द्वारा प्रस्तुत छात्रों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का विस्तार से परीक्षण करेगी। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजर 9 जून को आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी है।

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