Knews Desk- कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ नई मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राजधानी बेंगलुरु में आयोजित भव्य समारोह में कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं और विभिन्न राज्यों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सफलता में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।

नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है। मंत्रिमंडल में विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है, ताकि सरकार सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने इसे राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता, बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही उन्होंने विपक्ष से भी सकारात्मक सहयोग की अपील की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीके शिवकुमार के सामने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की चुनौती होगी। उनकी कार्यशैली और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व को उनसे काफी उम्मीदें हैं। नई सरकार के गठन के साथ ही अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शिवकुमार सरकार अपने पहले 100 दिनों में कौन-कौन से बड़े फैसले लेती है और जनता से किए गए वादों को किस तरह अमल में लाती है।