KNEWS DESK- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर जिले के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गौंरी में आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए करीब 1,645 परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों और अन्य पात्र पट्टेदारों को भी भूमि अधिकार से संबंधित दस्तावेज सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह कदम लंबे समय से अधिकारों से वंचित लोगों को सुरक्षा, सम्मान और स्थायी पहचान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने संबोधन में उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सैन्य शक्ति दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने महाभारत की धरती का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा धर्म तथा न्याय की रक्षा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि जो धर्म और सत्य की रक्षा करता है, वही अंततः सुरक्षित रहता है, जबकि अधर्म का मार्ग विनाश की ओर ले जाता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में चर्चा में रहे गाजियाबाद के ‘सूर्या हत्याकांड’ का भी जिक्र किया और अपराध तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोस्ती या किसी अन्य बहाने से होने वाली हिंसा और आपराधिक घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को सही दिशा देने की अपील करते हुए कहा कि परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि युवाओं को कानून और नैतिक मूल्यों का सम्मान करना सिखाया जाए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।