KNEWS DESK- गर्मी का मौसम आते ही आम की मिठास लोगों की पहली पसंद बन जाती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और यहां उगने वाले आमों की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब रहती है। हाल ही में जापान द्वारा भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद आमों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारत में आमों का सबसे बड़ा केंद्र कहां है?

अगर आपका जवाब महाराष्ट्र या वाराणसी है तो आप गलत हैं। भारत का असली “मैंगो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले की मलिहाबाद तहसील को कहा जाता है। यहां दूर-दूर तक फैले आम के बाग इसकी पहचान हैं और सदियों से लोग आम की खेती से जुड़े हुए हैं।
मलिहाबाद, काकोरी, माल और रहीमाबाद क्षेत्र देश के सबसे बड़े आम उत्पादक इलाकों में गिने जाते हैं। उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है। यहां हर साल लाखों मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जो देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचता है।
इस क्षेत्र में दशहरी आम सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। इसके अलावा चौसा, लंगड़ा, सफेदा, आम्रपाली और कई अन्य किस्मों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। हर किस्म अपने स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता के लिए अलग पहचान रखती है।
मलिहाबाद की पहचान सिर्फ आमों तक सीमित नहीं है। यहां के मशहूर बागवानी विशेषज्ञ कलीमुल्लाह खान, जिन्हें ‘मैंगो मैन’ के नाम से जाना जाता है, पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए सैकड़ों नई किस्मों के आम विकसित किए हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक ऐसा पेड़ शामिल है, जिस पर 300 से अधिक किस्मों के आम उगाए जा चुके हैं।
स्वाद के साथ-साथ आम सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, फोलेट और कई महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषण देने में मदद करते हैं।
यही वजह है कि मलिहाबाद को सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आमों की राजधानी के रूप में पहचान मिली हुई है।