Knews Desk– CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्यूएशन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने “कुछ गड़बड़ियों” को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में अपनी जिम्मेदारी मानती है और छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
नई दिल्ली में CBSE अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी छात्र की शिकायत को अनदेखा नहीं किया जाएगा। इस साल करीब 17 लाख छात्रों की लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए किया गया। इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अपनी स्कैन की गई कॉपियां देखने और ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने की सुविधा दी गई।
हालांकि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों और अभिभावकों ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल, धुंधली कॉपियां, पेज गायब होने और गलत मूल्यांकन जैसी कई शिकायतें दर्ज कराईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। साथ ही चार सरकारी बैंकों को पेमेंट सिस्टम मजबूत करने के लिए जोड़ा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण न किया जाए।
CBSE ने भी साफ किया है कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाई गई है और पोर्टल की तकनीकी खामियों को तेजी से ठीक किया जा रहा है। बोर्ड ने छात्रों से केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करने की अपील की है।