KNEWS DESK- बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ईद-उल-अजहा के मौके पर देशवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार त्याग, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देता है और समाज में आपसी सद्भाव को मजबूत करता है।
गुरुवार को जारी अपने संदेश में मायावती ने कहा कि यह पाक पर्व लोगों को एक-दूसरे के साथ प्रेम और सौहार्द से रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा समय में बढ़ती नफरत और विभाजनकारी राजनीति के बीच ईद का संदेश और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में शांति, खुशहाली और सामाजिक सौहार्द का माहौल था। उन्होंने कहा कि BSP की सरकार ने हमेशा सर्वसमाज के हित में काम किया और आगे भी पार्टी इसी सोच के साथ प्रतिबद्ध है।
मायावती ने कहा, “हम ऐसा उत्तर प्रदेश चाहते हैं जहां हर घर में बरकत हो, हर दिल में अमन हो और हर बस्ती में खुशहाली हो।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो।
उन्होंने कहा कि बसपा उस राजनीति के खिलाफ है जो लोगों को मंदिर और मस्जिद के नाम पर बांटकर वोट मांगती है। उनका कहना था कि देश की ताकत उसकी एकता और विविधता में है।
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि भारत की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक भाईचारे से है। उन्होंने कहा कि देश ऐसा होना चाहिए जहां सभी धर्मों के त्योहार मिलजुलकर मनाए जाएं।
उन्होंने कहा, “हम उस भारत के साथ हैं जहां ईद, दिवाली और होली सभी लोग मिलकर मनाते हैं और देश की एकता को मजबूत करते हैं।”
बसपा प्रमुख के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब त्योहारों और सामाजिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज रहती है।