भोपाल का ट्विशा शर्मा केस: मौत से लेकर समर्थ के सरेंडर ड्रामे तक पूरी कहानी

Knews Desk, भोपाल का ट्विशा शर्मा केस पिछले कई दिनों से पूरे देश में चर्चा में है। एक तरफ 33 साल की ट्विशा की रहस्यमयी मौत, दूसरी तरफ उसका पति समर्थ सिंह फरार… फिर अचानक कोर्ट पहुंचकर सरेंडर का ड्रामा। इस पूरे केस में हर दिन नया मोड़ आया और लोगों के मन में सवाल बढ़ते चले गए। सब कुछ 12 मई की रात से शुरू हुआ। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में गंभीर हालत में मिली। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन ट्विशा के परिवार ने साफ कह दिया कि ये आत्महत्या नहीं, बल्कि उसे प्रताड़ित किया गया था। परिवार का आरोप था कि शादी के बाद से ट्विशा खुश नहीं थी। उस पर मानसिक दबाव डाला जाता था। इसी बीच सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में ट्विशा के कुछ चैट्स सामने आए, जिनमें उसने अपनी माँ और करीबियों से परेशानी की बात कही थी।

सबसे ज्यादा चर्चा उस मैसेज की हुई जिसमें ट्विशा ने लिखा था — “I am trapped bro…”। इस एक लाइन ने सोशल मीडिया पर लोगों को झकझोर दिया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा पर जबरन प्रेग्नेंसी खत्म कराने का दबाव बनाया गया था। मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल था — समर्थ सिंह कहां है? घटना के तुरंत बाद समर्थ गायब हो गया। पुलिस लगातार उसकी तलाश करती रही। भोपाल पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया और बाद में 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया।

इधर ट्विशा का परिवार लगातार इंसाफ की मांग करता रहा। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक सही जांच नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मामला इतना बढ़ गया कि परिवार मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गया और प्रदर्शन किया। फिर केस में CCTV एंगल आया। बताया गया कि ट्विशा की मौत के बाद घर में CCTV टेक्नीशियन बुलाए गए थे। परिवार ने सवाल उठाया कि आखिर मौत के तुरंत बाद CCTV से जुड़ा काम क्यों कराया गया? इसी बात ने शक को और बढ़ा दिया। बाद में कुछ CCTV फुटेज भी सामने आईं, जिनमें ट्विशा अकेले जाती हुई दिखाई दी। लेकिन परिवार का कहना था कि पूरी फुटेज सार्वजनिक नहीं की गई और कई बातें अब भी छिपाई जा रही हैं।

मामला बढ़ता गया और आखिरकार हाईकोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट ने दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति दी। AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की टीम से जांच कराने की बात सामने आई। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने केस CBI को सौंपने का फैसला भी लिया। उधर समर्थ सिंह लगातार फरार था। उसने पहले अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन मामला ज्यादा गरमाता देख उसकी तरफ से अदालत में नया दांव चला गया।

फिर आया इस केस का सबसे फिल्मी और हाई वोल्टेज हिस्सा।

करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह अचानक जबलपुर कोर्ट पहुंच गया। उसने अपना चेहरा मास्क, टोपी और कपड़े से ढक रखा था ताकि कोई पहचान न सके। जैसे ही मीडिया को खबर लगी, कोर्ट परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। रिपोर्टर्स लगातार सवाल पूछते रहे। समर्थ कभी एक कमरे में जाता तो कभी दूसरे कमरे में। पुलिस भी उसे पकड़ने के इंतजार में थी। पूरे कोर्ट परिसर में घंटों तक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही।

समर्थ के वकील ने कहा कि वह सरेंडर करना चाहता है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया को लेकर बहस चलती रही। आखिरकार जबलपुर कोर्ट परिसर से ही पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया और बाद में उसे भोपाल ले जाया गया। इसके बाद एक और बड़ा झटका समर्थ को तब लगा जब Bar Council ने उसकी वकालत पर रोक लगा दी। अब इस केस की जांच कई एजेंसियां कर रही हैं। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV, कॉल डिटेल्स और चैट्स सबकी जांच हो रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है — क्या ट्विशा ने खुद जान दी थी या उसके साथ कुछ और हुआ था?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *