Knews Desk– NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में अब महाराष्ट्र के लातूर स्थित चर्चित RCC कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज मोटेगांवकर का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच तेज करते हुए मोटेगांवकर से कई घंटों तक पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि लातूर के इस बड़े कोचिंग नेटवर्क और पेपर लीक गिरोह के बीच संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में संचालित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के डायरेक्टर हैं। यह कोचिंग संस्थान मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी प्रसिद्ध माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक RCC की महाराष्ट्र के कई जिलों में शाखाएं हैं और हर साल हजारों छात्र यहां NEET और JEE की तैयारी करते हैं। संस्थान का सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।

मामला तब गंभीर हुआ जब एक अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई कि RCC के मॉक टेस्ट में पूछे गए कई सवाल असली NEET 2026 परीक्षा में भी दिखाई दिए। शुरुआती जांच में करीब 42 सवालों के मिलान की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस और फिर CBI ने जांच शुरू कर दी।
जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में अंदरूनी लोगों की भूमिका हो सकती है। इसी सिलसिले में रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को भी हिरासत में लिया गया है, जो कथित तौर पर NEET पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़े रहे थे। सूत्रों के मुताबिक कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर एक-दूसरे को पहले से जानते थे और इसी कनेक्शन को लेकर CBI गहराई से पड़ताल कर रही है।
CBI ने RCC से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और CCTV फुटेज भी कब्जे में लिए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया था। हालांकि अभी तक शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।