शिव शंकर सविता- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार को कोलकाता पहुंचे, जहाँ उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास पर उनसे और अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने न केवल ममता बनर्जी को भावनात्मक समर्थन दिया, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोलते हुए चुनाव प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ‘दीदी’ हारी नहीं हैं, बल्कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने बंगाल में जो कुछ भी किया, उसका ट्रायल पहले उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में किया गया था और फिर उसे बंगाल में बड़े पैमाने पर दोहराया गया। अखिलेश ने कहा, “बंगाल में जो कुछ भी हुआ है, उसने लोकतंत्र को गहरी चोट पहुँचाई है। बीजेपी सामंती सोच की पार्टी है, जो किसी नारी को आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकती।”
बल प्रयोग और सुरक्षा पर सवाल
TMC कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं पर दुख जताते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और केंद्रीय गृह मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बंगाल में 3 लाख से ज्यादा सुरक्षा बल भेजे गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में यूपी और बिहार के जवान थे। उन्होंने सवाल किया, “जब इतनी बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद थी, तो सुरक्षा देने की जिम्मेदारी किसकी थी? बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर लोकतंत्र को लूटने का काम किया है।” उन्होंने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा वोट काटे गए, वहीं बीजेपी को जीत हासिल हुई है।
विपक्षी एकजुटता की नई पटकथा
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बीच करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में चुनाव के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वह बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता और ‘INDIA’ गठबंधन को और मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। पश्चिम बंगाल में मिली हार के बावजूद ममता बनर्जी ने भी संकल्प दोहराया है कि वह देश स्तर पर बीजेपी के खिलाफ लड़ाई को और तेज करेंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी की महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने उन्हें ‘आधी-अधूरी मुख्यमंत्री’ करार देते हुए कहा कि बीजेपी महिलाओं का सम्मान करने का केवल ढोंग करती है, जबकि असलियत में वह महिला नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती।