डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के संभल जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली खाकी के भीतर की गुटबाजी और तल्खी उस वक्त सड़क पर आ गई, जब एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (TSI) और हेड कांस्टेबल के बीच ड्यूटी के दौरान ही ‘जुबानी जंग’ छिड़ गई। बात इतनी बिगड़ गई कि मामला सीधे जिले के कप्तान तक पहुंचा और आनन-फानन में दोनों ही पुलिसकर्मियों पर गाज गिर गई।
क्या था मामला?
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब यातायात प्रभारी (TSI) दुष्यंत बालियान इलाके में ट्रैफिक ड्यूटी का निरीक्षण करने निकले थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि हेड कांस्टेबल जय भगवान अपने निर्धारित ड्यूटी पॉइंट से नदारद हैं। सिपाही को मौके पर न पाकर दरोगा आगबबूला हो गए और उन्होंने तुरंत सिपाही के खिलाफ ड्यूटी से गायब रहने की रिपोर्ट दर्ज कर दी। जब हेड कांस्टेबल जय भगवान वापस लौटे, तो उन्हें कार्रवाई की जानकारी मिली। सिपाही का तर्क था कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी और वह पास के ही एक पेट्रोल पंप पर ‘फ्रेश’ होने गया था। लेकिन दरोगा दुष्यंत बालियान इस मानवीय आधार को मानने को तैयार नहीं थे।
“पॉटी का ठेका नहीं ले रखा… बिगड़े बोल और गंभीर आरोप
विवाद उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब हेड कांस्टेबल और टीएसआई के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई। आरोप है कि बहस के दौरान मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं। हेड कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि दरोगा ने बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा “मैंने तेरी पॉटी का ठेका नहीं ले रखा है।” इस टिप्पणी से आहत हेड कांस्टेबल ने पलटवार करते हुए पुलिस बेड़े में हड़कंप मचा दिया। सिपाही ने सार्वजनिक रूप से यातायात प्रभारी पर अवैध वसूली जैसे सनसनीखेज आरोप जड़ दिए। सिपाही का दावा था कि उस पर की गई कार्रवाई किसी नियम के तहत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश और विभाग के भीतर चल रहे गलत खेल का हिस्सा है।
एसपी ने चलाया हंटर
सड़क पर हुई इस हाई-प्रोफाइल भिड़ंत और अभद्र भाषा के इस्तेमाल की खबर जैसे ही संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई तक पहुंची, उन्होंने बिना देरी किए कड़ा रुख अपनाया। पुलिस की साख को बट्टा लगते देख एसपी ने तत्काल प्रभाव से हेड कांस्टेबल जय भगवान और टीएसआई दुष्यंत बालियान, दोनों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी केके बिश्नोई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है। ड्यूटी के दौरान इस तरह की अभद्र भाषा और सार्वजनिक विवाद किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता के लिए उन्हें लाइन हाजिर किया गया है।”