KNEWS DESK- देश की संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर जोरदार बहस के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा में देर रात तक चली ‘महा-बहस’ के बाद केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान का 106वां संशोधन) को लागू करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। कानून मंत्रालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए घोषणा की कि इस अधिनियम के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी माने जाएंगे।
16 अप्रैल का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है। संसद के विशेष सत्र के दौरान इस विधेयक पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में इस पर लंबी बहस चली, जो देर रात लगभग 1:20 बजे तक जारी रही। अब इस बिल पर अंतिम निर्णय के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे वोटिंग निर्धारित की गई है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1(2) के तहत केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को इसके लागू होने की तिथि घोषित किया है। हालांकि, इस अधिनियम का पूर्ण प्रभाव परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही देखने को मिलेगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे सितंबर 2023 में संसद ने पारित किया था, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है। इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
लेकिन, इस कानून के लागू होने को लेकर पहले से यह स्पष्ट किया गया था कि इसे आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया 2027 की जनगणना के बाद पूरी होगी, जिसके चलते इस आरक्षण का वास्तविक प्रभाव 2029 के आसपास देखने को मिल सकता है।
सरकार द्वारा लाए गए अन्य विधेयकों के साथ इस अधिनियम पर चर्चा का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि भविष्य में महिला आरक्षण को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके। अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं, जहां इस ऐतिहासिक बिल पर अंतिम मुहर लग सकती है।