शिव शंकर सविता- कानपुर के उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब शहर में रहने वाले लोग एलपीजी सिलेंडर की झंझट से छुटकारा पाकर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन आसानी से ले सकेंगे। जिला प्रशासन ने PNG गैस कनेक्शनों के विस्तार को लेकर अहम कदम उठाए हैं, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ा जा सके। गुरुवार को एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में PNG गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ शहर में गैस पाइपलाइन के विस्तार और नए कनेक्शनों की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इच्छुक उपभोक्ता अब मात्र 3000 रुपये के पंजीकरण शुल्क पर PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पाइप लाइन वाले इलाकों में 10 दिन और बिना पाइप वाले इलाकों में 30-45 दिनों में पहुंचेगी गैस
बैठक में बताया गया कि जिन क्षेत्रों में पहले से गैस पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को मात्र 10 दिनों के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं है, वहां 30 से 45 दिनों के भीतर कनेक्शन देने की योजना है। इससे शहर के अधिक से अधिक इलाकों को जल्द ही PNG नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (CUGL) के वरिष्ठ प्रबंधक ने जानकारी दी कि रामादेवी से लेकर कल्याणपुर तक गैस पाइपलाइन का मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है। वर्तमान में शहर में 1.31 लाख घरेलू, 460 वाणिज्यिक और 152 औद्योगिक PNG कनेक्शन सक्रिय हैं। हर सप्ताह औसतन 350 से 400 नए घरेलू कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं, जिससे इस सुविधा की मांग और लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
होटल, रेस्टोरेंट वालों को किया जा रहा प्रोत्साहित
इसके अलावा, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के अधिकारियों ने बताया कि रूमा से फतेहपुर तक करीब 75 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इस क्षेत्र में भी हजारों उपभोक्ताओं को PNG सेवा दी जा रही है और हर सप्ताह नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल संचालकों को भी PNG कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब इस सुविधा का लाभ उठाकर सुरक्षित और सस्ती गैस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। साथ ही, गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यालयों में कॉल सेंटर की व्यवस्था मजबूत करें और मानव संसाधन बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ताओं के आवेदनों का जल्द निस्तारण हो सके। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।