KNEWS DESK- ईरान और इजराइल के बीच तनाव अब उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि ईरान ने इजराइल पर अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, 24 मार्च की रात को ही 220 मिसाइलें दागी गईं, जबकि कुल हमले में 500 से ज्यादा मिसाइलें इस्तेमाल की गईं। औसतन हर घंटे 10 मिसाइलें दागी गईं, जिससे इजराइल के कई शहरों, विशेषकर तेल अवीव, हाइफ़ा, बनी ब्राक और केंद्रीय इजराइल के अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस हमले को अब तक का सबसे बड़ा एकल मिसाइल बाराज माना जा रहा है।
हमले के दौरान कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, कुछ जगहों पर ढह गईं और तेल अवीव में मिसाइल गिरने से सड़क के आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए तथा आग लग गई। घायलों की संख्या अलग-अलग रिपोर्ट्स में 15 से 200 के बीच बताई जा रही है। हालांकि, इजराइल डिफेंस फोर्सेस के मुताबिक, उनके मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम—जिनमें आयरन डोम, एरो सिस्टम और डेविड्स स्लिंग शामिल हैं—ने लगभग 70% मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। बची हुई 30% मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों को भेद लिया और शहरी इलाकों में भारी तबाही मचाई, खासकर उन मिसाइलों में जिनमें क्लस्टर वॉरहेड लगे थे।
ईरान ने दावा किया है कि इस हमले में उसने नई पीढ़ी की मिसाइलें जैसे फतह-2, सेज्जिल, इमाद और खोर्रमशहर-4 का इस्तेमाल किया, जो तेज रफ्तार और दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं। ईरान का कहना है कि बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले का उद्देश्य इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम को थकाना और युद्ध में नया मोड़ लाना है। इजराइल ने इस हमले के जवाब में रूस-ईरान सप्लाई मार्ग को ठप कर दिया है। इस हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का नया विषय खड़ा कर दिया है।