KNEWS DESK- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने ईरान के साथ जारी बातचीत और संभावित युद्धविराम को लेकर सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें Iran पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है, लेकिन इसके बावजूद बातचीत जारी रखी जा रही है।
ट्रंप ने बताया कि बातचीत के चलते ही ईरान पर संभावित हमले को फिलहाल टाल दिया गया है। उनका कहना था कि जैसे ही समझौते की संभावना बनी, अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई को रोकने का फैसला लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान पर भरोसा करते हैं, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, “मैं किसी पर भरोसा नहीं करता।” उन्होंने यह भी कहा कि भरोसे से ज्यादा महत्वपूर्ण रणनीतिक हित हैं और फिलहाल दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान के साथ बातचीत किन लोगों से हो रही है, इस सवाल पर ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कई पुराने नेताओं को खत्म कर दिया है। उनके अनुसार, पुराने नेतृत्व के बाद जो नए लोग सामने आए हैं, वे पहले से ज्यादा समझदार हैं और अब उन्हीं के साथ बातचीत जारी है। ट्रंप ने इसे ईरान के सत्ता ढांचे में बदलाव जैसा बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहले के ईरानी नेता उनकी शर्तें मान लेते, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अब नए नेतृत्व के साथ बातचीत से सकारात्मक नतीजे निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीजफायर को लेकर ट्रंप ने साफ किया कि बातचीत की शुरुआत एक अहम शर्त से होती है—ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
ट्रंप के इन बयानों से यह साफ है कि जहां एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका अपनी सख्त नीति से पीछे हटने के मूड में नहीं है।