KNEWS DESK- भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच अब तेज हो गई है। इस केस में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री के बाद नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सीबीआई ने मृतका के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच को आगे बढ़ा दिया है।
दिल्ली से आई सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट ने मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत इकट्ठा करने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं, जिसने पूरे मामले को और विवादित बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जब एम्स की टीम दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भोपाल पहुंची तो उन्हें वह बेल्ट नहीं दिखाई गई, जिससे फंदा लगाने की बात कही जा रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने टीम को कहा कि वह बेल्ट एफएसएल (FSL) के पास जमा है, जिसके बाद अब पुलिस को इस संबंध में पत्राचार करना पड़ रहा है। इस लापरवाही ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके अलावा, घटना के 13 दिन बाद पुलिस ने ससुराल में जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन किया। इस दौरान टीम ने मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल सबूत भी जब्त किए। शुरुआती दौर में जांच की धीमी रफ्तार और सबूतों को सुरक्षित रखने में देरी को लेकर पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला 12 मई का है, जब ट्विशा शर्मा (33) का शव भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। मायके पक्ष ने इसे दहेज उत्पीड़न और हत्या के लिए उकसाने का मामला बताया है, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि यह ड्रग्स की लत से जुड़ी आत्महत्या का मामला है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा है कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सख्त हिदायत दी है।
फिलहाल, सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे क्या नया मोड़ सामने आता है।