अखिलेश यादव ने महिला सम्मान कार्यक्रम से साधा महिला वोटरों का ध्यान, 2027 विस चुनाव की तैयारी में जुटी सपा

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी पूरे राज्य में तेज हो गई है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज 22 मार्च को लखनऊ में “मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान” कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कदम महिला वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मूर्ति देवी अखिलेश यादव की दादी हैं और मालती देवी उनकी मां। इस सम्मान के माध्यम से सपा विभिन्न क्षेत्रों की महिला विभूतियों को पहचान देगी। कार्यक्रम में फूलन देवी, सावित्रीबाई फुले, अहिल्याबाई होल्कर, बेगम अख्तर, महादेवी वर्मा, सरस्वती अम्माल, सरोजिनी नायडू, इस्मत चुगताई, ऊदा देवी, रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान महिलाओं के नाम पर 20 अलग-अलग श्रेणियों में अवार्ड प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक सम्मान राशि 1 लाख रुपये की होगी, जिसे समाजवादी पार्टी महिला समाज और समाज के विभिन्न क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं को देगी।

सपा मुख्यालय में 11 बजे करेंगे प्रेस कांफ्रेंस

अखिलेश यादव आज लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। इसमें वे इस महिला सम्मान योजना के उद्देश्य, चयन प्रक्रिया और आगामी घोषणाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। सपा का मानना है कि इस पहल से महिलाओं में पार्टी के प्रति विश्वास बढ़ेगा और विधानसभा चुनाव में महिला वोटर सपोर्ट को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम साफ तौर पर राजनीतिक रणनीति के तहत उठाया गया है। यूपी में महिला वोटरों की संख्या काफी बड़ी है और उनकी सोच चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में महिला विभूतियों के नाम पर सम्मान और पुरस्कार देने से जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा। हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि जनता और महिला वर्ग इस पहल को कितना पसंद करता है।

आगामी चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटी सभी पार्टियां

प्रदेश में सियासी पारा लगातार हाई होता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव प्रबंधन और मतदाता जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। योगी आदित्यनाथ के इस कदम से बीजेपी में भी सियासी तैयारी और रणनीति पर फोकस बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में महिलाओं का वोट तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इस लिहाज से सपा का महिला सम्मान कार्यक्रम और बीजेपी का संगठनात्मक काम दोनों ही पार्टियों के लिए अहम माना जा रहा है। आगामी महीनों में दोनों पार्टियों की सियासी गतिविधियां तेज होंगी और चुनावी मुद्दे लगातार जनता के बीच उठेंगे।

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