KNEWS DESK- वृंदावन के प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी पदयात्रा अचानक अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के बाद भक्त लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसी बीच प्रेमानंद महाराज का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों को भावुक संदेश देते हुए कहा — “मैं रहूं या न रहूं, दिखूं या न दिखूं… लेकिन तुम्हारा मंगल जरूर होगा।”

वीडियो में प्रेमानंद महाराज बेहद शांत और भावुक अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। चाहे वे सामने आएं या न आएं, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा भक्तों के साथ रहेगा। उन्होंने कहा, “हम मिलें या न मिलें, बोलें या न बोलें, लेकिन हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। आप सभी पर श्रीजी की कृपा बनी रहे, यही हमारी कामना है।”
‘ईष्ट देव ही करेंगे भरण-पोषण’
प्रेमानंद महाराज ने अपने संदेश में लोगों को भगवान के नाम जप और भजन करते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति पर निर्भर होने के बजाय ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “तुम्हारा भरण-पोषण किसी व्यक्ति के द्वारा नहीं, बल्कि ईष्ट देव के द्वारा होगा। जिस दिन लगे कि उद्धार किसी व्यक्ति के कारण हो रहा है, उसे छोड़ देना।”
मौन और एकांत में रहेंगे महाराज
अपने संदेश में उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब वे कुछ समय तक मौन और एकांत में रह सकते हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह सब भक्तों के कल्याण के लिए ही है। महाराज बोले,“हमारा जब मन होगा, बोल देंगे। वरना मौन और एकांत में रहेंगे। यह मौन-एकांत अपने लिए नहीं, आप सबके लिए है।”
अचानक बंद हुई थी पदयात्रा

कुछ दिन पहले वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम से सौभरी कुंड तक निकलने वाली प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध पदयात्रा को अचानक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। आश्रम के सेवादारों ने माइक से इसकी जानकारी दी थी। पदयात्रा बंद होने के बाद हजारों भक्त मायूस नजर आए। कई लोग सोशल मीडिया पर लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
प्रेमानंद महाराज खुद कई बार अपने प्रवचनों में बता चुके हैं कि उनकी किडनी लंबे समय से खराब है। बताया जाता है कि वे पिछले करीब 20 सालों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इसी वजह से भक्तों को आशंका है कि स्वास्थ्य कारणों से ही फिलहाल उनकी पदयात्रा और निजी मुलाकातों को रोका गया है। हालांकि आश्रम की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।