K News desktop- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। आम लोगों से लेकर छोटे कारोबारियों तक इस समस्या का सीधा असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, तो कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई करें। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रणाली की जांच का आदेश दिया है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
सीएम के निर्देश के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी फील्ड पर सक्रिय हो गए हैं। खास तौर पर नोएडा, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज सहित कई जिलों में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों और एजेंसियों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि कहीं जानबूझकर गैस या ईंधन की कमी तो नहीं बनाई जा रही है।
जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, सप्लाई रिकॉर्ड और वितरण व्यवस्था की पूरी तरह से समीक्षा की जा रही है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि ग्राहकों को निर्धारित दरों पर और समय पर गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल मिल रहे हैं या नहीं। अगर कहीं जमाखोरी या आपूर्ति में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।
सरकार के इस सख्त रुख से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
छोटे रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल और क्लाउड किचन जैसे व्यवसायों के लिए यह समय संवेदनशील है, क्योंकि इन सभी का संचालन एलपीजी पर निर्भर है। यदि आपूर्ति में बाधा आती है, तो न सिर्फ आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरत प्रभावित होगी बल्कि छोटे व्यवसायों की आय पर भी सीधा असर पड़ेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या कालाबाजारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदेश में एलपीजी और ईंधन की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।