डिजिटल डेस्क- केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज और लीक से हटकर किए जाने वाले कार्यों के लिए जाने जाते हैं। पुणे में आयोजित एक गरिमामय समारोह में गडकरी ने राजनीति और समाजसेवा के बीच के अपने अनूठे समीकरण को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक राजनेता होने के बावजूद उनका मुख्य ध्यान सामाजिक कार्यों पर रहता है, यही कारण है कि उन्हें चुनाव के दौरान पारंपरिक प्रचार की आवश्यकता महसूस नहीं होती। पुण्य भूषण फाउंडेशन द्वारा उद्योगपति अभय फिरोदिया को ‘पुण्य भूषण’ अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने के अवसर पर गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वह भले ही एक राजनेता हैं, लेकिन उनका “90 परसेंट” काम सोशल वर्क है। गडकरी के अनुसार, जब कोई नेता जमीन पर इतना अधिक सामाजिक काम करता है, तो उसे चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए विशेष प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने फिरोदिया की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक ऐसा उद्योगपति बताया जो बिजनेस में नैतिकता और सामाजिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हैं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बढ़ता क्रेज
समारोह के दौरान गडकरी ने देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर युवाओं को बड़े पैमाने पर नौकरियां दे रहा है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल व्हीकल (EV) सेगमेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है। स्थिति यह है कि खरीदारों को पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए ज्यादा लंबा इंतजार (वेटिंग पीरियड) करना पड़ रहा है, जो बदलती अर्थव्यवस्था का संकेत है।
विदर्भ में जल संरक्षण: आमिर खान और नाना पाटेकर का साथ
राजनीति से इतर, गडकरी विदर्भ के किसानों को संकट से उबारने के लिए एक बड़ी मुहिम चला रहे हैं। उनकी संस्था ‘पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था’ के 25 साल पूरे होने पर 17 और 18 मई को ‘जल संवाद’ और ‘जलक्रांति परिषद’ का आयोजन किया जा रहा है। इस नेक काम में बॉलीवुड के दिग्गज आमिर खान, नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे भी शामिल होंगे। यह कॉन्फ्रेंस विदर्भ में पानी बचाने और ग्राउंडवाटर (भूजल) को फिर से ठीक करने के तरीकों पर केंद्रित होगी।
तमसवाड़ा मॉडल: किसानों को सुसाइड से बचाने की पहल
गडकरी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 25 वर्षों से विदर्भ में सिंचाई की दिक्कतों को दूर करने और किसानों को वित्तीय स्थिरता देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ‘तमसवाड़ा रिजुविनेशन मॉडल’ का विशेष उल्लेख किया, जिसे आज पूरे देश में पहचान मिल रही है। इस मॉडल के तहत सेलू तालुका में 12 किलोमीटर लंबे मृतप्राय ‘नाले’ को पुनर्जीवित किया गया है। गडकरी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की सफलता का मुख्य उद्देश्य गांवों और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि किसानों को आत्महत्या जैसे कदम न उठाने पड़ें।