एलपीजी महंगी और सप्लाई बाधित, मुंबई से बेंगलुरु तक गैस संकट, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

KNEWS DESK- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने से देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी की किल्लत सामने आ रही है। खासतौर पर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और कई जगहों पर होटल बंद होने की नौबत आ गई है।

भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है। लेकिन खाड़ी क्षेत्र में तनाव और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण गैस सप्लाई बाधित हो रही है। कतर में हुए हमलों के बाद गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव भारत के बाजार में दिखाई देने लगा है।

संभावित संकट को देखते हुए सरकार ने पहले ही घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। इससे पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी भी की गई थी। हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं।

एलपीजी संकट का सबसे ज्यादा असर Mumbai में देखने को मिल रहा है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन AHAR के अनुसार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों में गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो शहर के 50 प्रतिशत तक होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।

मुंबई के हजारों होटल और रेस्टोरेंट खाना बनाने के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की सप्लाई लगभग रुक गई है और कई जगहों पर डिलीवरी नहीं हो रही है।

फिलहाल जो रेस्टोरेंट खुले हैं, वे अपने बचे हुए स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं। लेकिन जैसे ही यह स्टॉक खत्म होगा, उन्हें भी बंद करना पड़ सकता है।

होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में हजारों कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा ग्राहकों को भी भोजन की सुविधा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति लंबी चली तो गैस आपूर्ति संकट और गहरा सकता है, जिससे देश के कई अन्य शहरों में भी होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित हो सकता है।

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