KNEWS DESK- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर नियमों का पालन होना चाहिए और विपक्ष के सांसदों को बोलने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
गोगोई ने कहा कि पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव सदन में लाया गया था और उस समय डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। लेकिन आज जब विपक्ष के 200 सांसद मौजूद हैं, तब डिप्टी स्पीकर नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि संसद की मर्यादा और लोकतंत्र की गरिमा बचाने के लिए लाया गया है।
गोगोई ने माइक को सत्ता पक्ष द्वारा नियंत्रण में होने की आलोचना करते हुए कहा, “माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा सत्ता पक्ष को दी जाती है, जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।”
गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के रेबीया केस का हवाला देते हुए कहा कि स्पीकर और उनकी चेयर पर बैठे व्यक्ति पक्षपात नहीं करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पीकर ने जो पैनल बनाया है, उसमें से कौन चेयर पर बैठेगा और यह कैसे तय हुआ। इस पर जगदंबिका पाल ने जवाब दिया कि स्पीकर के ऑफिस को अधिकार है कि वे तय कर सकते हैं कि चेयरपर्सन पैनल में कौन होगा।
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बीच में गोगोई को टोका और कहा, “सदन जब चुनाव में जाता है तब भी स्पीकर का ऑफिस चालू रहता है। यह पद खाली नहीं रहता। गोगोई जो गलत मतलब निकाल रहे हैं, मैं उसका खंडन करने के लिए खड़ा हुआ हूं।”