मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर टिप्पणी को लेकर शंकराचार्य का बड़ा बयान, कहा– ‘माता का अपमान असहनीय’

KNEWS DESK- लोकतांत्रिक बहस और राजनीतिक मतभेदों के बीच किसी के परिवार को निशाना बनाना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। हाल ही में एक मौलाना द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है।

उन्नाव दौरे के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी की मां का अपमान करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में ‘माता’ को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है और उसके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग समाज की मर्यादाओं को ठेस पहुंचाता है।

शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही एक सन्यासी हैं, लेकिन उनकी माताजी समाज के लिए सम्माननीय हैं। उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना उस व्यक्ति की विकृत मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक नेताओं का दायित्व होता है कि वे समाज को सही दिशा दें और अपनी भाषा में मर्यादा बनाए रखें। लेकिन जब धर्म के नाम पर कोई व्यक्ति किसी के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी करता है, तो वह न केवल गलत है बल्कि धर्म के नाम पर कलंक भी है।

शंकराचार्य ने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन संस्कार और मर्यादा हर स्थिति में बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज और देश की जनता ऐसे अपमानजनक बयानों को स्वीकार नहीं करती।

उन्होंने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शंकराचार्य ने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा और आचरण को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के परिवार को राजनीतिक या धार्मिक विवादों में घसीटना भारतीय परंपरा और सभ्यता के मूल्यों के खिलाफ है, इसलिए ऐसे बयानों की खुलकर निंदा होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *