डिजिटल डेस्क- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। केदारनाथ रावल ने ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद बताया कि तय मुहूर्त के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 8:00 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। तिथि घोषित होते ही प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। 22 अप्रैल की सुबह से ही श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। संभावित रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए पैदल मार्ग की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था, ठहरने की सुविधा और चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम और आपातकालीन चिकित्सा इकाइयों को भी सशक्त किया जा रहा है।
शीतकालीन यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई शीतकालीन यात्रा को इस बार जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। कपाट बंद होने के बाद से 31 जनवरी तक 34,140 श्रद्धालुओं ने चारधाम के शीतकालीन प्रवास स्थलों—जैसे ओंकारेश्वर (ऊखीमठ) और पांडुकेश्वर मंदिर—में दर्शन किए। इसे उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी इससे नई ऊर्जा मिली है।
चारधाम तक रेल सेवा की दिशा में बड़ा कदम
चारधाम कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि 125 किमी लंबी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल लाइन ले जाने के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। उत्तराखंड में कुल 40,384 करोड़ रुपये की लागत से 216 किमी लंबाई की तीन नई रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मार्च 2025 तक लगभग 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और समय की दृष्टि से किफायती हो जाएगी।