नेपाल में बाढ़ का कहर, दिल्ली-काठमांडू बस सेवा दो दिन के लिए रोकी गई

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद सड़क परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने दिल्ली-काठमांडू के बीच चलने वाली इंडो-नेपाल मैत्री बस सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया है.

Knews Desk– नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दिल्ली और काठमांडू के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. हालात को देखते हुए DTC ने 28 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू और काठमांडू से दिल्ली के बीच चलने वाली बस सेवाओं को स्थगित करने का फैसला किया है. इसके साथ ही 29 अगस्त को काठमांडू से दिल्ली आने वाली नेपाली बस सेवा भी रद्द रहेगी.

DTC के इंद्रप्रस्थ डिपो के डिपो मैनेजर की ओर से 27 अगस्त को जारी आदेश में बस सेवाओं को अस्थायी तौर पर रोकने की जानकारी दी गई. अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के कारण दिल्ली-काठमांडू राष्ट्रीय राजमार्ग के नेपाली हिस्से में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है.

दिल्ली-काठमांडू अंतरराष्ट्रीय बस सेवा को आधिकारिक तौर पर इंडो-नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम से संचालित किया जाता है. दिल्ली में यह बस सेवा डॉ. आंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल, दिल्ली गेट से चलती है. फिलहाल इसे स्थायी रूप से बंद नहीं किया गया है. नेपाल में बाढ़ और सड़क मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाओं को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.

बताया गया है कि 26 अगस्त को आई फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई. बाढ़ के कारण सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे कई इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है. हालात लगातार बिगड़ने के बाद DTC ने बस सेवा को कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया.

नेपाल और तिब्बत में आई इस प्राकृतिक आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 389 तक पहुंच गई है. वहीं, सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद चट्टानों के खिसकने और भूस्खलन की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया. इसके बाद पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल के कई हिस्सों तक पहुंच गया. इस आपदा में कई गांव और कस्बे प्रभावित हुए हैं. बड़ी संख्या में मकान, वाहन, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है.

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