स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से रक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत को रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अगली पीढ़ी की तकनीकों का वैश्विक सप्लायर बनना होगा।
Knews Desk- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मिशन पर तेजी से काम किया जा रहा है। पीएम ने कहा कि बदलते युद्ध के दौर में भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने रक्षा शक्ति को विकसित भारत के लक्ष्य की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि देश को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने के साथ हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में भी नेतृत्व हासिल करना होगा। उनका जोर स्वदेशी रक्षा उपकरणों और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने पर रहा।
ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में भारत को नई चुनौतियों के लिए अत्याधुनिक तकनीक विकसित करनी होगी। उन्होंने ड्रोन के साथ-साथ काउंटर-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने और हाइपरसोनिक डिफेंस तकनीक में आगे बढ़ने की जरूरत बताई
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
पीएम मोदी के मुताबिक, केवल सस्ता और आसानी से उपलब्ध विदेशी सामान खरीदना पर्याप्त नहीं है। देश को अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वह अपने हितों की रक्षा खुद कर सके।
साइबर सुरक्षा भी रक्षा का अहम हिस्सा
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा को भी आधुनिक रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में किया जा सकता है। इसके साथ ही रक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने और स्वदेशी उपकरणों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक संघर्ष में रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी निशाना बन सकते हैं। इसी बदलते खतरे को देखते हुए ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ पर तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। वहीं, रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है और भारतीय हथियार अब करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं।
सिविल डिफेंस के लिए बनेगी बड़ी स्वयंसेवी फोर्स
पीएम मोदी ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली सदी के युद्धों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया मौजूदा सिविल डिफेंस सिस्टम अब बदलती परिस्थितियों के लिए पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में नागरिक सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। लोगों को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की जानकारी दी जाएगी और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ी स्वयंसेवी सिविल डिफेंस फोर्स तैयार की जाएगी।