उर्वशी रौतेला के तिरंगे गाउन पर विवाद, क्या राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है? जानें कानून

KNEWS DESK- एक्ट्रेस और पूर्व ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला इन दिनों अपने एक खास आउटफिट को लेकर चर्चा में हैं। मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के कार्यक्रम में उर्वशी जज की भूमिका में पहुंचीं, जहां उन्होंने केसरिया, सफेद और हरे रंगों वाला गाउन पहना था। गाउन के डिजाइन में अशोक चक्र से मिलता-जुलता नीला पैटर्न भी नजर आया। इस लुक की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ते हुए सवाल उठाए और इसे तिरंगे का अपमान बताया।

उर्वशी के इस लुक को लेकर एक तरफ सोशल मीडिया पर आलोचना हुई, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर तिरंगे के रंगों वाला कपड़ा पहनना कानूनन अपराध है या नहीं। इस मामले में असली राष्ट्रीय ध्वज और तिरंगे से प्रेरित सामान्य डिजाइन के बीच अंतर समझना जरूरी है।

तिरंगे के इस्तेमाल को लेकर क्या है कानून?

भारत में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और इस्तेमाल को लेकर Flag Code of India, 2002 और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 लागू हैं। गृह मंत्रालय भी राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों के सख्त पालन के निर्देश जारी करता है।

राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जिससे उसकी गरिमा या सम्मान प्रभावित हो। कानून के तहत सार्वजनिक स्थान या जनता की नजर में राष्ट्रीय ध्वज को जलाना, फाड़ना, नुकसान पहुंचाना, कुचलना या अन्य तरीके से अपमानित करना दंडनीय हो सकता है। ऐसे मामले में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

क्या तिरंगे के रंगों वाली ड्रेस पहनना अपराध है?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तिरंगे के रंगों और वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज में अंतर है। केवल केसरिया, सफेद और हरे रंगों का इस्तेमाल अपने आप में राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल नहीं माना जाता। सामान्य कपड़े, जिनमें ये तीन रंग हों लेकिन वे राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू प्रतिकृति न हों, अलग स्थिति में आते हैं।

हालांकि, अगर किसी वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज को काटकर या सिलकर कपड़ा, ड्रेस या किसी अन्य वस्तु में इस्तेमाल किया जाए, तो यह गंभीर मामला हो सकता है। ध्वज के स्वरूप और उसके सम्मान से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।

कमर के नीचे तिरंगे का इस्तेमाल

राष्ट्रीय ध्वज को ऐसे परिधान या वस्तु के रूप में इस्तेमाल करना जिससे उसका अपमान हो, प्रतिबंधित है। खास तौर पर राष्ट्रीय ध्वज के वास्तविक स्वरूप का इस्तेमाल ऐसे कपड़ों में नहीं किया जाना चाहिए जो शरीर के निचले हिस्से पर पहने जाते हैं।

इसी तरह तिरंगे को रुमाल, नैपकिन, कुशन, बेडशीट या ऐसी घरेलू वस्तुओं के रूप में इस्तेमाल करना भी अनुचित है, जिनके इस्तेमाल से राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

तिरंगे को लेकर और कौन से नियम हैं?

राष्ट्रीय ध्वज को जमीन या पानी को नहीं छूने देना चाहिए। इसे उल्टा नहीं फहराया जाना चाहिए और क्षतिग्रस्त या गंदे ध्वज को प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। ध्वज को व्यावसायिक लाभ, विज्ञापन या ऐसी पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल करने से भी बचना होता है। गृह मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा सम्मान और गरिमा के अनुरूप प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

किसी कार्यक्रम में तिरंगे के रंगों का इस्तेमाल करना और वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज को फैशन या सजावट की वस्तु बना देना दो अलग बातें हैं। इसलिए उर्वशी रौतेला के गाउन को लेकर उठे सवालों का जवाब इस बात पर निर्भर करेगा कि उसमें वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल हुआ था या केवल तिरंगे से प्रेरित डिजाइन बनाया गया था।

फिलहाल उर्वशी के गाउन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों में इसे तिरंगे से प्रेरित गाउन बताया गया है। ऐसे में केवल तीन रंगों के इस्तेमाल के आधार पर इसे सीधे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कहना उचित नहीं होगा।

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