ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने क्यों हटाए B-1 और B-52?

Knews Desk– ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस अमेरिका भेज दिए हैं। इस फैसले को ब्रिटेन में संभावित आतंकी हमले की साजिश और एयरबेस की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

पेंटागन के एक अधिकारी के मुताबिक, RAF फेयरफोर्ड पर तैनात अमेरिकी बॉम्बर्स को वापस अमेरिका स्थित सैन्य ठिकानों पर भेज दिया गया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर दी। ईरान के खिलाफ अभियान शुरू होने के शुरुआती दिनों से इस एयरबेस पर दर्जनों B-52 और B-1 बॉम्बर देखे गए थे। रविवार को भी कई B-1 विमानों ने यहां से उड़ान भरी थी। लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल अमेरिका कई दशकों से मध्य पूर्व के सैन्य अभियानों के लिए करता रहा है।

अमेरिकी विमानों की वापसी ऐसे समय हुई है, जब ब्रिटेन में संभावित आतंकी हमले की साजिश की जांच चल रही है। पिछले सप्ताह दोहरी ब्रिटिश-ईरानी नागरिकता वाले एक व्यक्ति को लंदन में आतंकी हमले की साजिश के शक में गिरफ्तार किया गया था। सितंबर के अंत में RAF फेयरफोर्ड पर सुरक्षा से जुड़ी घटना के मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया ब्रिटेन के अधिकारियों ने घटना के तार ईरान से जुड़े होने की आशंका जताई है, जबकि ईरान ने इससे इनकार किया है।

इस बीच अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। USS थियोडोर रूजवेल्ट और USS माकिन आइलैंड के नेतृत्व वाला युद्धपोत समूह क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। अक्टूबर के अंत तक मध्य पूर्व में अमेरिका के तीन विमानवाहक पोत तैनात हो सकते हैं।

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