KNEWS DESK- असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के लगातार दूसरी बार शपथ लेने के साथ ही नई कैबिनेट ने भी जिम्मेदारी संभाल ली है। इस नई सरकार में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह हैं वरिष्ठ नेता अजंता नियोग, जो राज्य की एकमात्र महिला मंत्री बनी हैं।
अजंता नियोग लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ असम की राजनीति में एक मजबूत चेहरा मानी जाती हैं। वह पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक हैं और अपनी चुनावी जीत के लिए जानी जाती हैं। खास बात यह है कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।
1964 में गुवाहाटी में जन्मी अजंता नियोग एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी मां रेबती दास भी विधायक रह चुकी हैं। अजंता ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से MA, LLB और LLM की डिग्री हासिल की और इसके बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत की शुरुआत की।
उनका राजनीति में प्रवेश एक दुखद घटना के बाद हुआ। 1996 में उनके पति और तत्कालीन राज्य मंत्री नागेन नियोग की उग्रवादी हमले में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
अजंता नियोग ने 2001 में कांग्रेस के टिकट पर गोलाघाट विधानसभा सीट से पहली बार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने 2006, 2011 और 2016 में भी लगातार जीत हासिल की और इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
2011 का चुनाव उनके करियर का सबसे बड़ी जीतों में से एक रहा, जब उन्होंने 46,000 से अधिक वोटों के अंतर से विजय हासिल की थी। 2021 के चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली, जिसका असर उनके राजनीतिक करियर पर सकारात्मक रहा और वह फिर से विधानसभा पहुंचीं। 2026 में भी उन्होंने अपनी छठी जीत दर्ज करते हुए अपनी राजनीतिक मजबूती साबित की है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई। अब हिमंत बिस्व सरमा सरकार में उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। अजंता नियोग को असम की पहली महिला वित्त मंत्री होने का भी गौरव प्राप्त है। उनका अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और लगातार चुनावी सफलता उन्हें राज्य की सबसे अनुभवी महिला नेताओं में शामिल करता है।
नई सरकार में असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो को भी मंत्री बनाया गया है। वहीं, रंजीत कुमार दास को विधानसभा स्पीकर पद के लिए NDA का उम्मीदवार नामित किया गया है।
अजंता नियोग का राजनीतिक सफर असम की राजनीति में एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, जहां व्यक्तिगत संघर्ष से लेकर लगातार चुनावी सफलता तक उनका सफर बेहद खास रहा है।