हरदोई: लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन पुल का 70 फीट का स्लैब गिरा, मलबे में दबे कई मजदूर

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सोमवार सुबह लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां शारदा नहर के ऊपर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम करीब 70 फीट लंबा स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर आरसीएल (RCL) कंपनी द्वारा इस पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सोमवार सुबह पुल पर सीमेंट की विशालकाय करीब 70 फीट लंबी स्लैब को ऊपर चढ़ाने का काम चल रहा था। इस भारी-भरकम स्लैब को उठाने के लिए दोनों तरफ दो बड़ी क्रेनें लगाई गई थीं। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक एक क्रेन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे स्लैब सीधे नीचे आ गिरा और वहां काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए।

मौके पर पहुंचे आलाधिकारी, जेसीबी से हटाया गया मलबा

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अनुनय झा, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा और शाहाबाद के उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। मलबे को हटाने और दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मौके पर तुरंत कई जेसीबी मशीनें, अतिरिक्त क्रेनें और एंबुलेंस बुलाई गईं। भारी मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया।

घायलों की हालत नाजुक, मेडिकल कॉलेज रेफर

मलबे से निकाले गए सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से पहले नजदीकी टोडरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। घायलों में सिधौली निवासी 30 वर्षीय राहुल और 35 वर्षीय गेंदालाल की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिनका इलाज चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा है।

लापरवाही की जांच के लिए उच्च स्तरीय आदेश

इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ है या फिर निर्माण कार्य में लगी आरसीएल कंपनी की किसी बड़ी लापरवाही का नतीजा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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