KNEWS DESK – जयपुर के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी शर्मा के खिलाफ अब उसके सगे मामा राकेश शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
राकेश शर्मा का दावा है कि आयुषी ने अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या से पहले अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपने पिता विजय शर्मा की हत्या की साजिश रची थी। इस नए आरोप के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है और विजय शर्मा की मौत की परिस्थितियों को भी दोबारा खंगालना शुरू कर दिया है।
पिता की मौत को लेकर मामा ने उठाए सवाल
नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विजय शर्मा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उस समय आयुषी का चचेरा भाई बलराम भी उनके घर पर रह रहा था। आरोप है कि आयुषी अपने पिता के इलाज को लेकर लापरवाही बरत रही थी।
परिवार के अनुसार, कुछ समय बाद इलाज से विजय शर्मा की हालत में सुधार हुआ और वह घर वापस आ गए। इसके बाद आयुषी ने दावा किया कि वह एक बड़े डॉक्टर से बात कर चुकी है और पिता को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाना होगा।
आरोप है कि आयुषी और बलराम विजय शर्मा को अपने साथ ले गए और कई महीनों तक परिवार से उनकी सही जानकारी छिपाई। बाद में बताया गया कि विजय शर्मा दिल्ली रोड स्थित निम्स अस्पताल में भर्ती हैं।
परिजनों के मुताबिक, जब परिवार विजय शर्मा को देखने पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर के कई अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके थे। इसके बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
मामा राकेश शर्मा का आरोप है कि आयुषी ने अपनी मां के साथ विवाद के दौरान पिता की मौत को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद नीरज शर्मा काफी डरी हुई थीं और उन्होंने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी अपनी चिंता जाहिर की थी।
संपत्ति और नौकरी को बताया जा रहा वजह
पुलिस और परिवार की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और आर्थिक लाभ की आशंका जताई जा रही है। विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत थे।
परिजनों का आरोप है कि पिता की मौत के बाद आयुषी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। इसके अलावा परिवार की संपत्ति को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है। पुलिस अब इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर बताया कि उसे लगता था कि उसकी मां का ज्यादा ध्यान उसके विशेष योग्यजन छोटे भाई पर रहता था। इसी वजह से उसके मन में मां को लेकर नाराजगी बढ़ती गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आयुषी और उसके चचेरे भाई बलराम के बीच लगातार बातचीत होती थी। पुलिस बलराम को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता मानकर उसकी तलाश कर रही है।
वहीं, गिरफ्तार आरोपी हेमंत शर्मा से पूछताछ में भी कई अहम जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है। आरोप है कि हत्या से पहले उस पर पैसे का लालच देकर दबाव बनाया गया था।
मनोवैज्ञानिकों की मदद लेगी पुलिस
जयपुर पुलिस इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए आगे की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आयुषी कानून की छात्रा है और उसे कानूनी प्रक्रिया की जानकारी है, इसलिए पूछताछ के दौरान वह कई सवालों के जवाब सोच-समझकर दे रही है।
अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद लेने की तैयारी कर रही है। साथ ही फरार आरोपी बलराम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।