KNEWS DESK- दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया में शुक्रवार, 4 सितंबर को बड़ा हादसा हुआ। राजधानी ला पाज से करीब 30 किलोमीटर दूर वियाचा शहर के एक सैन्य अड्डे में स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2:30 बजे भीषण विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और देखते ही देखते सैन्य परिसर के आसपास अफरा-तफरी मच गई।
अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट उस हिस्से में हुआ जहां आतिशबाजी और उससे संबंधित सामग्री रखी गई थी। हादसे में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
घायलों में ज्यादातर आम नागरिक
बोलीविया के रक्षा मंत्री अर्नेस्टो जस्टिनियानो के अनुसार, घायलों में ज्यादातर आम नागरिक हैं, जबकि कुछ सैन्यकर्मी भी घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, पुलिस, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य निदेशक रीटा नेब्रास्का ने बताया कि करीब 62 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 14 लोगों को इलाज के लिए ला पाज के अस्पतालों में भेजा गया। घायलों में एक बच्ची भी शामिल है, जो करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई है।
आसपास के घरों को भी नुकसान
विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि सैन्य परिसर के आसपास स्थित कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इलाके में काफी दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। धमाके के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस और राहत टीमों ने इलाके को सुरक्षित करने के साथ लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी है।
एक और विस्फोट का खतरा
अधिकारियों के मुताबिक, सैन्य परिसर में बचाव और सुरक्षा अभियान के दौरान एक हीट सोर्स का पता चला है। इसके चलते दोबारा विस्फोट होने की आशंका जताई गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से घटनास्थल से कम से कम 150 मीटर की दूरी बनाए रखने की अपील की है।
विस्फोट के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आतिशबाजी सामग्री में विस्फोट किस वजह से हुआ। बोलीविया सरकार और सेना ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही धमाके की सही वजह और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता चल सकेगा।
रेस्क्यू टीमें घायलों को उपचार दिलाने के साथ उनके परिवारों की सहायता में जुटी हैं। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और सैन्य परिसर के आसपास लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।