बंगाल में शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर होगी जेल

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने सत्ता संभालते ही प्रशासनिक और कानूनी ढांचे में बड़े बदलावों के संकेत दे दिए हैं। 9 मई को शपथ ग्रहण के बाद से ही सरकार एक्शन मोड में है। बकरीद (ईद-उल-जुहा) के पर्व से पहले राज्य सरकार ने पशु वध को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों और सार्वजनिक स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए अब सड़कों, फुटपाथों या किसी भी खुले सार्वजनिक स्थान पर जानवरों का वध पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पशु वध केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और निर्धारित बूचड़खानों में ही किया जा सकेगा।

अनिवार्य ‘संयुक्त प्रमाण पत्र’ की शर्त

नए नियमों के अनुसार, गाय, भैंस, बैल और बछड़ों की बलि के लिए अब एक विशेष प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र संबंधित नगरपालिका या पंचायत समिति के अध्यक्ष और एक सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा संयुक्त रूप से जांच के बाद जारी किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी बिना किसी ठोस कारण के यह सर्टिफिकेट देने से इनकार करता है, तो नागरिक 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को इसकी शिकायत भेज सकते हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आदेश के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर खुले में पशु वध करता पाया जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये का जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।

‘कटमनी’ और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार में ‘कटमनी’ (रिश्वतखोरी) और ‘तोलेबाजी’ (अवैध वसूली) के लिए कोई जगह नहीं होगी। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक नई कार्ययोजना बनाई है, जिसके तहत हर महीने जिलाधिकारियों (DM) और विधायकों की संयुक्त बैठक होगी। इसका मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और जनता के पैसे की सीधी जवाबदेही तय करना है।

प्रमुख योजनाओं और जांचों का शुभारंभ

प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ राज्य की नई सरकार ने जनकल्याण और न्याय व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने 1 जून से पूरे पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब तबके को सशक्त खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है। इसके साथ ही, न्याय प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की गंभीरता को समझते हुए इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश कर दी है। भ्रष्टाचार के प्रति अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट करते हुए सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब पुराने घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच तेजी से जारी रहेगी, ताकि राज्य में पारदर्शी शासन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।