Knews Desk– पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ और रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। राज्य में ‘डिटेक्ट और डिपोर्ट’ अभियान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के नेता और BJP विधायक सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि राज्य में अवैध प्रवासियों और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए जाने की योजना पर काम चल रहा है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहिंग्या नेटवर्क सक्रिय है, जिससे राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीति के तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा।
BJP नेताओं का दावा है कि कई जिलों में संदिग्ध लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर डेटा जुटाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे, उन्हें अस्थायी रूप से होल्डिंग सेंटर में रखा जा सकता है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने BJP पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया है। TMC नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही BJP डर और घुसपैठ का मुद्दा उठाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा कि बंगाल की जनता इस राजनीति को समझती है और राज्य में किसी भी समुदाय को डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ BJP इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ TMC इसे चुनावी एजेंडा बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।