Knews Desk– पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और सामाजिक योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी देने के साथ-साथ महिलाओं के लिए राज्य संचालित बसों में मुफ्त यात्रा और सातवें वेतन आयोग के गठन का भी ऐलान किया है।
महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3000 रुपये
सरकार की सबसे बड़ी घोषणा ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ को लेकर रही। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि जो महिलाएं पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही हैं, उन्हें भी नई योजना में शामिल किया जाएगा। वहीं जिन महिलाओं को अभी तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा
राज्य सरकार ने 1 जून 2026 से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का भी फैसला किया है। इस योजना से लाखों महिला यात्रियों, छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग इस योजना को लागू करने के लिए विशेष टिकट व्यवस्था तैयार कर रहा है।
सरकार का मानना है कि मुफ्त बस यात्रा से महिलाओं की आवाजाही आसान होगी और रोजगार, शिक्षा तथा अन्य जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर बनेगी। हाल ही में हुए एक अध्ययन में भी पाया गया कि महिलाओं के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन योजनाएं उनके रोजगार और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं।
सातवें वेतन आयोग को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके बाद अब कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और डीए में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लंबे समय से राज्य कर्मचारी केंद्र के बराबर वेतन और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
धर्म आधारित योजनाओं पर भी बड़ा फैसला
सरकार ने यह भी ऐलान किया कि धर्म आधारित सहायता योजनाओं को अगले महीने से बंद कर दिया जाएगा। मदरसा विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के तहत चल रही कुछ योजनाओं को रोकने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ धर्म के आधार पर नहीं दिया जाएगा।
इन फैसलों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सरकार इन योजनाओं को महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया है।