Knews Desk- देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में यह आफत बनकर बरस रही है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ दरक रहे हैं, हाईवे बंद हो रहे हैं और नदियां उफान पर हैं। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मूसलाधार बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बदरीनाथ हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद हो गई हैं। कई जगह पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण यातायात प्रभावित है। गंगोत्री हाईवे का एक हिस्सा भी धंस गया है, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अलकनंदा और मंदाकिनी जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। मुंबई में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार तेज बारिश के कारण कई सड़कें पानी में डूब गईं और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोकल ट्रैफिक प्रभावित हुआ और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर के कई हिस्सों में 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव तथा अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का यह सक्रिय दौर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में नदी-नालों के पास जाने, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा करने और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं कई शहरों और पहाड़ी इलाकों में यह बड़ी चुनौती बन गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी, क्योंकि कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।