नौकरी से निकाले जाने का बदला लेने के लिए गार्ड ने बच्ची की हत्या की, मौत के बाद भी मांगता रहा 20 लाख की फिरौती

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित बोलाराम की एक गेटेड सोसाइटी में पांच साल की बच्ची का अपहरण कर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी से निकाले गए पूर्व सुरक्षा गार्ड विक्रम ने बच्ची की हत्या के बाद भी उसके परिवार से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

Knews Desk- हैदराबाद के बोलाराम इलाके में स्थित विला ऑर्किड्स सोसाइटी में बच्ची की हत्या से हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, बच्ची का नाम ऑरेलिया था। वह सोसाइटी के क्लब हाउस में आयोजित बथुकम्मा उत्सव देखने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी ने बच्ची के परिवार को उसकी मौत की जानकारी नहीं दी और उनसे लगातार फिरौती की मांग करता रहा।

बच्ची के पिता मिल्टन फर्नांडिस कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक कंपनी में रिसर्च साइंटिस्ट हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी विक्रम को कुछ दिन पहले खराब व्यवहार की शिकायतों के चलते सोसाइटी की नौकरी से हटा दिया गया था। शुरुआती जांच में नौकरी से निकाले जाने की बात इस वारदात के पीछे संभावित वजह के रूप में सामने आई है।

बोलाराम पुलिस के मुताबिक, शाम करीब 7:45 बजे बच्ची के दादा के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि उनका बेटा उसके कब्जे में है और उसे छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये चाहिए। आरोपी ने खुद के सिकंदराबाद में होने की बात कही और पैसे लेकर वहां आने को कहा।

हालांकि, जब परिवार को पता चला कि उनका बेटा साइकिल चला रहा है, तो उन्हें फोन करने वाले पर शक हुआ। इसके बाद आरोपी ने बच्ची के पिता मिल्टन फर्नांडिस मोसेस को फोन कर बताया कि उनकी बेटी उसके पास है। दूसरी ओर, जब बच्ची शाम करीब 7:30 बजे तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लोग क्लब हाउस पहुंचे, लेकिन वहां बच्ची का कोई पता नहीं चला।

आरोपी ने वीडियो कॉल करने से किया इनकार।

परिवार ने आरोपी से फिरौती की रकम कम करने की गुजारिश की और बताया कि उनके लिए 20 लाख रुपये जुटाना मुश्किल है। आरोपी ने उन्हें एक बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए कहा। परिवार रकम देने के लिए तैयार था, लेकिन उन्होंने बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉल पर उसका चेहरा दिखाने की मांग की। आरोपी ने उनकी यह मांग ठुकरा दी।

इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो चुका था। इसी बीच, सोसाइटी के लोगों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में बच्ची क्लब हाउस से बाहर जाती दिखाई दी। कुछ दूरी पर एक व्यक्ति उसके पीछे जाता हुआ भी नजर आया।

गार्ड के फोन से मांगी गई फिरौती।

जांच के दौरान पुलिस को उस मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी मिली, जिससे परिवार को फोन किया गया था। यह नंबर सोसाइटी में तैनात एक सुरक्षा गार्ड का निकला। पूछताछ में गार्ड ने बताया कि कुछ दिन पहले नौकरी से हटाया गया विक्रम सोसाइटी आया था और उसने फिरौती मांगने के लिए गार्ड के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। सीसीटीवी फुटेज में विक्रम सोसाइटी से जल्दबाजी में निकलते समय उस गार्ड को इशारा करता हुआ भी दिखाई दिया।

पुलिस और सोसाइटी के लोगों ने शनिवार देर रात गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर क्लब हाउस के बेसमेंट की तलाशी ली। वहां बने पानी के टैंक में बच्ची का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, बच्ची के हाथ-पैर बंधे थे और उसकी कमर पर दो ईंटें बांधी गई थीं, ताकि शव पानी की सतह पर न आ सके।

ड्रोन की मदद से तलाश, आरोपी गिरफ्तार।

बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने सोसाइटी में काम करने वाले सभी सुरक्षा गार्डों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। वहीं, आरोपी विक्रम की तलाश में सिकंदराबाद और शहर के अन्य इलाकों में ड्रोन की मदद ली गई। पुलिस की विशेष टीमों को पाटनचेरु और आसपास के क्षेत्रों में भी भेजा गया। आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बेटी की हत्या से परिवार सदमे में है। बच्ची की मां ने आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि आरोपी मर जाए। इस घटना के बाद पूरी सोसाइटी में दहशत का माहौल है।

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