KNEWS DESK- आधार ऐप का TOTP फीचर SMS OTP नहीं मिलने पर उपयोगी हो सकता है। इससे 8 अंकों का कोड जनरेट होता है, जो हर 30 सेकंड में बदल जाता है। जानिए इसे जनरेट करने और इस्तेमाल करने का तरीका।
आधार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय कई बार मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए पहचान सत्यापित करनी पड़ती है। लेकिन नेटवर्क की समस्या, SMS में देरी या तकनीकी गड़बड़ी के कारण OTP समय पर नहीं मिलता, जिससे जरूरी काम अटक सकता है। ऐसी स्थिति में UIDAI के नए आधार ऐप में उपलब्ध TOTP फीचर मददगार साबित हो सकता है। इसकी मदद से यूजर SMS का इंतजार किए बिना वेरिफिकेशन के लिए कोड जनरेट कर सकते हैं।
TOTP का पूरा नाम Time-based One-Time Password है। यह एक ऐसा कोड है, जो समय के आधार पर जनरेट होता है और निर्धारित अंतराल के बाद बदल जाता है। आधार ऐप में यह 8 अंकों का कोड होता है, जो हर 30 सेकंड में बदलता है। SMS OTP के विपरीत, इसे प्राप्त करने के लिए मोबाइल पर मैसेज आने का इंतजार नहीं करना पड़ता। हालांकि, जिस ऑनलाइन सेवा में इसका इस्तेमाल करना है, वहां TOTP वेरिफिकेशन का विकल्प उपलब्ध होना जरूरी है।
SMS OTP के मुकाबले TOTP कैसे है उपयोगी?
SMS OTP मिलने में नेटवर्क की समस्या या मैसेज में देरी के कारण परेशानी हो सकती है। वहीं, TOTP सीधे आधार ऐप के जरिए जनरेट किया जाता है, इसलिए कोड प्राप्त करने के लिए SMS की जरूरत नहीं होती। यह सुविधा खासतौर पर तब उपयोगी हो सकती है, जब मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो या OTP मिलने में देरी हो रही हो। इसके अलावा, SMS आधारित वेरिफिकेशन में SIM स्वैप जैसे साइबर फ्रॉड का जोखिम भी हो सकता है। TOTP इस तरह SMS पर निर्भरता को कम करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह हर परिस्थिति में पूरी तरह सुरक्षित है। फोन और आधार ऐप की सुरक्षा बनाए रखना भी जरूरी है।
आधार ऐप में TOTP कैसे जनरेट करें?
आधार ऐप में TOTP जनरेट करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।
- सबसे पहले अपने फोन में आधिकारिक आधार ऐप खोलें और लॉग-इन करें।
- ऐप के डैशबोर्ड पर जाएं।
- सिक्योरिटी सेक्शन में जाकर Generate TOTP का विकल्प चुनें।
- स्क्रीन पर दिखाई देने वाले 8 अंकों के कोड को देखें।
- कोड के साथ दिए गए 30 सेकंड के टाइमर पर ध्यान दें।
- कोड को कॉपी करके संबंधित वेरिफिकेशन पेज पर दर्ज करें।
कोड का इस्तेमाल निर्धारित समय के भीतर करना जरूरी है। 30 सेकंड पूरे होने पर कोड बदल जाता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर नया कोड जनरेट करना होगा। अगर संबंधित वेबसाइट या सेवा पर केवल SMS OTP का विकल्प उपलब्ध है, तो वहां TOTP का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
TOTP इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
TOTP का सही तरीके से काम करना फोन की तारीख और समय पर निर्भर करता है। इसलिए मोबाइल की सेटिंग में Automatic Date and Time का विकल्प चालू रखें। समय गलत होने पर कोड के सत्यापन में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, अपने फोन को अनजान लोगों के हाथ में देने से बचें और आधार ऐप को सुरक्षित रखें। किसी के साथ वेरिफिकेशन कोड साझा न करें। TOTP सुविधा SMS या नेटवर्क संबंधी परेशानियों के दौरान वेरिफिकेशन को आसान बना सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल तभी संभव होगा, जब संबंधित सेवा इस सुविधा को सपोर्ट करती हो।