KNEWS DESK- एपल ने दुनिया के 110 देशों में आईफोन यूजर्स को मर्केनरी स्पाइवेयर के संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी है। कंपनी ने प्रभावित यूजर्स को तुरंत अपने डिवाइस की सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है।
आईफोन यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। एपल ने 110 देशों में कुछ यूजर्स को थ्रेट नोटिफिकेशन भेजकर बेहद एडवांस मर्केनरी स्पाइवेयर के संभावित हमले से सावधान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस तरह के साइबर हमले आम ऑनलाइन फ्रॉड या हैकिंग से अलग होते हैं और खास लोगों को टारगेट करने के लिए किए जाते हैं।
एपल समय-समय पर ऐसे यूजर्स को अलर्ट जारी करता है, जिनके डिवाइस पर किसी अत्याधुनिक स्पाइवेयर हमले का खतरा होने की आशंका होती है। कंपनी का कहना है कि ऐसे हमलों को अंजाम देने वाले हमलावर काफी संसाधनों और तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या होता है मर्केनरी स्पाइवेयर?
मर्केनरी स्पाइवेयर ऐसे अत्याधुनिक निगरानी सॉफ्टवेयर को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल किसी खास व्यक्ति के डिजिटल डिवाइस पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। इसके पीछे बड़े संसाधन और विशेषज्ञ तकनीकी टीम हो सकती है, इसलिए ऐसे हमलों को सामान्य साइबर अपराधों की तुलना में ज्यादा गंभीर माना जाता है। इस तरह के ऑपरेशन बेहद लक्षित होते हैं। हमलावर बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ निशाना बनाने के बजाय किसी खास व्यक्ति या छोटे समूह पर फोकस कर सकते हैं। इसी वजह से इन हमलों की पहचान और रोकथाम चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
पत्रकारों से लेकर एक्टिविस्ट तक हो सकते हैं निशाने पर
एपल के अनुसार, इस तरह के स्पाइवेयर हमलों में आमतौर पर हाई-प्रोफाइल या संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को निशाना बनाए जाने का खतरा ज्यादा रहता है। इनमें पत्रकार, राजनेता, एक्टिविस्ट और राजनयिक जैसे लोग शामिल हो सकते हैं। कंपनी का थ्रेट नोटिफिकेशन ऐसे यूजर्स को समय रहते सतर्क करने के लिए भेजा जाता है, जिनके खिलाफ लक्षित स्पाइवेयर हमले की आशंका हो सकती है।
अलर्ट मिले तो तुरंत क्या करें?
अगर किसी आईफोन यूजर को एपल की ओर से ऐसा थ्रेट नोटिफिकेशन मिलता है, तो उसे इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एपल ने ऐसे यूजर्स को डिवाइस में Lockdown Mode एक्टिवेट करने और कंपनी की ओर से दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
इसके अलावा आईफोन को हमेशा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर अपडेट रखना जरूरी है। यूजर्स को मजबूत पासकोड के साथ Face ID या Touch ID का इस्तेमाल करना चाहिए। Apple Account में Two-Factor Authentication चालू रखना भी अकाउंट की सुरक्षा को मजबूत करता है। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए Stolen Device Protection को भी ऑन किया जा सकता है। अगर किसी यूजर को लगता है कि उसके डिवाइस को गंभीर साइबर हमले का निशाना बनाया गया है, तो वह विशेषज्ञ साइबर सिक्योरिटी संगठनों से मदद ले सकता है।
आम यूजर्स को कितना डरने की जरूरत?
मर्केनरी स्पाइवेयर आम तौर पर बड़े पैमाने पर किए जाने वाले साइबर हमलों जैसा नहीं होता। इसका इस्तेमाल खास लोगों को लक्षित करने के लिए किया जाता है। फिर भी, एपल का अलर्ट मिलने वाले यूजर्स के लिए इसे गंभीरता से लेना और कंपनी के बताए सुरक्षा उपाय तुरंत लागू करना बेहद जरूरी है।