KNEWS DESK- दुनिया की बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में शामिल Meta एक बार फिर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर कानूनी विवाद में घिर गई है। कंपनी के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के कथित नकारात्मक प्रभावों को लेकर अमेरिका में हजारों मुकदमे चल रहे हैं। हालांकि, कैलिफोर्निया में इस सप्ताह शुरू होने वाला मुकदमा Meta के लिए सबसे अहम मामलों में से एक माना जा रहा है।
इस मामले में कई अमेरिकी राज्य Meta से भारी-भरकम हर्जाने की मांग कर रहे हैं। अलग-अलग दावों को मिलाकर यह रकम करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही राज्य सरकारें कंपनी से Facebook और Instagram के संचालन और डिजाइन में बदलाव करने की भी मांग कर रही हैं, ताकि बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
Meta पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मुकदमे में Meta पर आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर ऐसे फीचर्स और डिजाइन तैयार किए, जिनका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को ज्यादा से ज्यादा समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखना था। आरोप है कि इन फीचर्स के कारण युवा यूजर्स सोशल मीडिया के आदी हो सकते हैं और इससे उनकी मानसिक सेहत से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। राज्यों का आरोप है कि Meta ने युवाओं को आकर्षित करने, उनसे लगातार जुड़ाव बनाए रखने और उन्हें प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए बेहद प्रभावी तकनीकों का इस्तेमाल किया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा यूजर एंगेजमेंट हासिल करना और इसके जरिए अपनी कमाई बढ़ाना था।
मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि Meta ने कानून का उल्लंघन करते हुए माता-पिता की अनुमति के बिना 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा इकट्ठा किया। इस आरोप के चलते कंपनी की डेटा कलेक्शन और बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
तीन साल पहले दायर हुआ था मुकदमा
अमेरिका के कई राज्यों ने करीब तीन साल पहले Meta के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। अब कैलिफोर्निया की अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हो रही है। मंगलवार से शुरू होने वाले इस मुकदमे में चार राज्य- कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी वादी के तौर पर शामिल हैं। बाकी 25 राज्यों से जुड़े मामलों की सुनवाई बाद में होने की उम्मीद है।
मामले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Meta को इस साल बच्चों और किशोरों को कथित तौर पर हुए नुकसान से जुड़े दो महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में कैलिफोर्निया में शुरू होने वाली सुनवाई कंपनी के लिए आगे की कानूनी लड़ाई की दिशा तय कर सकती है।
राज्यों की क्या मांग है?
राज्य सरकारों की मांग सिर्फ आर्थिक हर्जाने तक सीमित नहीं है। वे चाहती हैं कि Meta अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और संचालन में ऐसे बदलाव करे, जिससे बच्चों और किशोरों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
मामले में यह सवाल भी अहम है कि क्या सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और एल्गोरिदम के कारण बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए कानूनी तौर पर जिम्मेदार हो सकती हैं। यदि अदालत में राज्यों के आरोप साबित होते हैं, तो इसका असर Meta के साथ-साथ अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर भी पड़ सकता है।
Meta ने आरोपों को खारिज किया
Meta ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और मुकदमे की सुनवाई के दौरान पेश किए जाने वाले सबूत उसकी प्रतिबद्धता को साबित करेंगे। कंपनी के मुताबिक, उसने माता-पिता की चिंताओं को समझने के लिए उनसे बातचीत की है। इसके अलावा विशेषज्ञों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ भी काम किया गया है। Meta का दावा है कि युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को बेहतर तरीके से समझने के लिए उसने व्यापक स्तर पर शोध भी किया है।
अब अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और सबूत सामने आने के बाद यह तय होगा कि Meta ने वास्तव में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।
फैसले का असर कितना बड़ा हो सकता है?
यह मुकदमा केवल Meta के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सोशल मीडिया उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर अदालत राज्यों के आरोपों को सही मानती है, तो कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही Facebook और Instagram के डिजाइन, फीचर्स और बच्चों से जुड़े डेटा के इस्तेमाल को लेकर नए नियम लागू हो सकते हैं।
वहीं, अगर Meta को राहत मिलती है तो कंपनी के खिलाफ चल रहे अन्य मामलों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसलिए कैलिफोर्निया की अदालत में शुरू होने वाली यह कानूनी लड़ाई अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकती है।