Knews Desk- केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta को समन भेजा है। यह कार्रवाई Instagram पर कथित तौर पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और अश्लील विज्ञापन सामने आने के बाद की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में Meta को तलब किया जाए और उससे विस्तृत जवाब मांगा जाए।
मंत्रालय ने Meta से यह स्पष्ट करने को कहा है कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाई दिए और कंपनी ने इस तरह की सामग्री को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया कि Instagram पर कुछ पेड विज्ञापन देखे गए, जिनमें “चाइल्ड वीडियो” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इन विज्ञापनों के साथ दिए गए लिंक यूजर्स को Telegram चैनलों पर ले जाते थे, जहां कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट बेचा जा रहा था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि यह सामग्री बेहद कम कीमत, लगभग 99 रुपये तक में उपलब्ध कराई जा रही थी।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि ये विज्ञापन Instagram के ऐड रिव्यू सिस्टम को भी पार कर गए। आम तौर पर किसी भी विज्ञापन को पब्लिश होने से पहले Meta की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होता है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर दिखने लगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जब एक शिकायत की गई, तो Instagram की ओर से जवाब आया कि संबंधित विज्ञापन उसकी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं करते, जिससे सवाल और भी गहरे हो गए।
ऐसे लगभग 30 विज्ञापनों की पहचान की गई थी, जिनका संबंध बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट से बताया गया है। इन विज्ञापनों और उनसे जुड़े Telegram चैनलों की जानकारी बाद में भारतीय अधिकारियों के साथ साझा की गई, जिसके बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने Meta से इस पूरे नेटवर्क पर स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय यह भी जानना चाहता है कि कंपनी ने इन विज्ञापनों को हटाने और संबंधित अकाउंट्स के खिलाफ क्या कार्रवाई की है, और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। उधर, Meta ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसने कई आपत्तिजनक विज्ञापनों को हटा दिया है और उन अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया है जो इन विज्ञापनों से जुड़े थे। कंपनी के अनुसार, कुछ अन्य विज्ञापनों को भी हटाया गया है, संबंधित URL ब्लॉक किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले कई अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभानी होगी।