Apple ने OpenAI को कोर्ट में घेरा, ट्रेड सीक्रेट मामले में केस खारिज करने की मांग का किया विरोध

Knews Desk– Apple और OpenAI के बीच ट्रेड सीक्रेट से जुड़ा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है. Apple ने OpenAI की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें कंपनी ने अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की अपील की थी. Apple का आरोप है कि OpenAI ने उसकी कारोबारी गोपनीय जानकारी का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया. कंपनी ने कोर्ट में कहा है कि उसके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं.

Apple ने अपनी हालिया कोर्ट फाइलिंग में OpenAI की दलीलों को चुनौती देते हुए कहा कि केस खारिज करने की उसकी मांग तथ्यों की गलत व्याख्या, बाहरी सबूतों के अनुचित इस्तेमाल और अटकलों पर आधारित है. Apple का दावा है कि OpenAI से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर उसके कुछ कर्मचारियों से जानकारी हासिल करने के तरीके साझा किए थे. कंपनी का कहना है कि यह मामला केवल सामान्य कारोबारी प्रतिस्पर्धा या किसी अनजानी गलती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उसकी गोपनीय कारोबारी जानकारी के संभावित गलत इस्तेमाल का सवाल है.यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब Apple ने OpenAI के खिलाफ ट्रेड सीक्रेट के कथित दुरुपयोग को लेकर मुकदमा दायर किया. इसके बाद OpenAI ने 5 अगस्त 2026 को कोर्ट से इस मामले को खारिज करने की मांग की. OpenAI की ओर से दलील दी गई कि उसे Apple की मालिकाना जानकारी की कोई जरूरत नहीं थी. कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि Apple उसके साथ उस तरह प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं है, जैसा कि मुकदमे में संकेत दिया गया है.

अब Apple ने OpenAI की इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. Apple का कहना है कि OpenAI मामले से जुड़े आरोपों को छोटी-मोटी गलतियों या अनजाने में हुई घटनाओं के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. कंपनी के मुताबिक, उपलब्ध तथ्यों और सबूतों को देखते हुए मामले को इस शुरुआती चरण में खत्म करना उचित नहीं होगा.इस कानूनी लड़ाई में अगली बड़ी तारीख 1 अक्टूबर 2026 है. अमेरिकी जिला जज एडवर्ड जे. डेविला उस दिन OpenAI की केस खारिज करने की मांग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेंगे. इससे पहले OpenAI को Apple की ओर से दाखिल विरोध पर अपना जवाब 26 अगस्त तक कोर्ट में जमा करना है.

अगर जज OpenAI की केस खारिज करने की मांग को ठुकरा देते हैं, तो मुकदमा आगे डिस्कवरी चरण में पहुंच सकता है. इस दौरान दोनों कंपनियां एक-दूसरे से मामले से जुड़े दस्तावेज, ईमेल, बातचीत और अन्य सबूत मांग सकती हैं. ऐसे में OpenAI के हार्डवेयर से जुड़े प्रोजेक्ट्स, Apple के पूर्व कर्मचारियों की नियुक्ति और उन कर्मचारियों के साथ आई संभावित जानकारी की भी जांच हो सकती है.फिलहाल दोनों कंपनियों की कानूनी लड़ाई इस बात पर केंद्रित है कि क्या Apple के लगाए गए ट्रेड सीक्रेट के आरोपों में इतना आधार है कि मुकदमा आगे चलाया जा सके. 1 अक्टूबर की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है. अगर मामला आगे बढ़ता है, तो आने वाले समय में Apple और OpenAI के बीच कारोबारी रिश्तों और तकनीकी क्षेत्र में चल रही प्रतिस्पर्धा से जुड़े कई अहम तथ्य भी सामने आ सकते हैं.

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