Knews Desk- भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराया है। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन, चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के वेटलिफ्टिंग इवेंट में भारत की झोली में पहला स्वर्ण पदक डाल दिया है। उन्होंने न सिर्फ प्रतियोगिता जीती, बल्कि स्नैच राउंड में एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के दौरान मीराबाई शुरुआत से ही बेहद मजबूत स्थिति में दिखीं। उन्होंने स्नैच राउंड में अपने दमदार प्रदर्शन से सबको चौंका दिया। चानू ने बेहतरीन तकनीक और ताकत का प्रदर्शन करते हुए 85 किलोग्राम वजन उठाया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। उनके इस प्रयास ने प्रतिद्वंद्वियों को शुरुआत में ही दबाव में ला दिया, जिसका फायदा उन्हें क्लीन एंड जर्क राउंड में मिला।
राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल की हैट्रिक
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली है। डिजिटल मीडिया पर खेल प्रेमियों के बीच यह खबर आते ही जश्न का माहौल बन गया। चानू का कॉमनवेल्थ सफर कुछ इस तरह रहा है:
- 2018 (गोल्ड कोस्ट): पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जीता।
- 2022 (बर्मिंघम): लगातार दूसरा गोल्ड मेडल देश के नाम किया।
- 2026 (ग्लासगो): 85 किग्रा के रिकॉर्ड के साथ लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता।
सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता
इस बड़ी कामयाबी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #MirabaiChanu और #CWG2026 तेजी से ट्रेंड कर रहा है। देश के प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और बॉलीवुड हस्तियों सहित करोड़ों खेल प्रेमियों ने उन्हें इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी है। फैंस उनके अटूट जज्बे और चोटों से उबरकर वापसी करने की कला की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
देश के युवाओं के लिए प्रेरणा
मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू की यह सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता चानू ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और निरंतरता से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। यह जीत आगामी दिनों में ग्लासगो में खेल रहे अन्य भारतीय एथलीटों का मनोबल बढ़ाने में संजीवनी का काम करेगी। भारत को इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भारोत्तोलकों और अन्य एथलीटों से कई और पदकों की उम्मीद है।