Knews Desk- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनके ऊपर लगा तीन साल का प्रतिबंध हटना है. केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने श्रीसंत पर लगाया गया बैन वापस लेने का फैसला किया है. हालांकि इसके लिए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज को एसोसिएशन से बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी. श्रीसंत ने अपने पुराने बयानों पर खेद जताया, जिसके बाद KCA ने उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को समाप्त कर दिया.केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि श्रीसंत ने संगठन के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए बिना किसी शर्त के माफी मांगी है. उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणियों से एसोसिएशन की छवि को नुकसान पहुंचा और इसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया. इसी आधार पर KCA ने उनके ऊपर लगाया गया तीन साल का प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया.

यह पूरा विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ था, जब भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का चयन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए नहीं हुआ था. इसके बाद श्रीसंत ने खुलकर केरल क्रिकेट एसोसिएशन की आलोचना की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि एसोसिएशन ने जानबूझकर विजय हजारे ट्रॉफी के लिए संजू सैमसन को केरल टीम में शामिल नहीं किया. श्रीसंत का दावा था कि इसी वजह से संजू के पास चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का मौका नहीं मिला और वह भारतीय टीम में जगह बनाने से चूक गए.श्रीसंत के इन आरोपों को KCA ने गंभीरता से लिया और इसे संगठन की छवि खराब करने वाला बयान माना. इसके बाद एसोसिएशन ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया था. इस फैसले के कारण श्रीसंत किसी भी आधिकारिक गतिविधि में KCA से जुड़े नहीं रह सकते थे.
अब लगभग एक साल बाद श्रीसंत ने अपने बयान पर खेद जताते हुए बिना शर्त माफी मांगी है. इसके बाद केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया. हालांकि एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी या पूर्व खिलाड़ी से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है.वैसे देखा जाए तो श्रीसंत का क्रिकेट करियर जितना शानदार रहा, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा. उनकी तेज गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज ने उन्हें भारतीय टीम का अहम खिलाड़ी बनाया, लेकिन कई विवादों ने उनके करियर पर गहरा असर डाला. सबसे बड़ा विवाद साल 2013 में सामने आया, जब वह आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार हुए. इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि बाद में अदालत से उन्हें राहत मिली और कानूनी तौर पर उन्हें क्लीन चिट भी मिली. इसके बाद BCCI ने भी उनका प्रतिबंध हटा दिया, लेकिन तब तक उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर लगभग खत्म हो चुका था.
श्रीसंत ने भारत के लिए 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट लिए. इसके अलावा उन्होंने 53 वनडे मुकाबलों में 75 विकेट और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 7 विकेट हासिल किए. वह 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे. इन दोनों विश्व कप जीत में उनका योगदान भारतीय क्रिकेट इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद श्रीसंत ने अभिनय, रियलिटी शो और कमेंट्री की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की. हालांकि विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ सके. अब KCA से बैन हटने के बाद एक बार फिर वह क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं.तीन साल का प्रतिबंध हटना श्रीसंत के लिए बड़ी राहत जरूर है, लेकिन यह घटनाक्रम इस बात की भी याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयान कितने महत्वपूर्ण होते हैं. खेल से जुड़े खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों से हमेशा जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. श्रीसंत का यह मामला बताता है कि कभी-कभी माफी और संवाद के जरिए लंबे समय से चले आ रहे विवादों का भी समाधान निकाला जा सकता है.