Knews Desk– इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज भी गंवा दी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में यह लगातार दूसरी टी20 सीरीज हार है। इससे पहले भारतीय टीम आयरलैंड के खिलाफ भी सीरीज हार चुकी थी। लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने के साथ टीम इंडिया के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो पिछले सात साल में केवल दूसरी बार देखने को मिला है।ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम कभी भी बड़ी साझेदारी नहीं बना सकी। मध्यक्रम ने कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन रन गति लगातार धीमी रही। नतीजा यह रहा कि भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहा। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ के साथ भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। भारतीय गेंदबाज विकेट लेने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन उन्हें केवल एक सफलता मिली। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और महज एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया।श्रेयस अय्यर के लिए कप्तान के तौर पर यह दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड में भी टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में निरंतरता की कमी साफ दिखाई दी। कप्तानी के फैसलों पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि कई मौकों पर टीम सही रणनीति अपनाने में विफल रही।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाजों का लगातार फ्लॉप प्रदर्शन रहा। शीर्ष क्रम बड़ी पारियां नहीं खेल पाया, जबकि मध्यक्रम भी दबाव में लड़खड़ाता नजर आया। वहीं गेंदबाजी में भी डेथ ओवरों में रन रोकने की समस्या बरकरार रही। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया और मैच को एकतरफा बना दिया।इस हार के साथ टीम इंडिया ने सात साल बाद लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवाने का शर्मनाक रिकॉर्ड दोहराया। भारतीय टीम लंबे समय से टी20 क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन करती रही है, लेकिन हाल के नतीजों ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। आगामी टूर्नामेंटों को देखते हुए टीम को अपनी रणनीति और संयोजन पर गंभीरता से काम करना होगा।
अब भारतीय टीम की नजर सीरीज के आखिरी मुकाबले पर होगी, जहां वह सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। कप्तान श्रेयस अय्यर और कोचिंग स्टाफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों का आत्मविश्वास वापस लाना और जीत की राह पर लौटना होगी। अगर टीम अंतिम मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह हार के बावजूद सकारात्मक संदेश के साथ इस दौरे का समापन कर सकती है। हालांकि, लगातार दो टी20 सीरीज में मिली हार ने यह साफ कर दिया है कि टीम इंडिया को अपनी कमजोरियों पर जल्द काम करना होगा, वरना आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।