Knews Desk- भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ को उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता के कारण ‘द वॉल’ कहा जाता था। अब ऐसा लगता है कि उनके बेटे अन्वय द्रविड़ भी उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं। श्रीलंका अंडर-19 के खिलाफ खेले गए दूसरे यूथ वनडे मुकाबले में अन्वय ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने अंडर-19 करियर की अब तक की सबसे बड़ी पारी खेली और टीम इंडिया को संकट से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।हंबनटोटा में खेले गए इस मुकाबले में भारत अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि शुरुआत टीम के लिए अच्छी नहीं रही। भारतीय टीम के शीर्ष चार बल्लेबाज 100 रन का आंकड़ा छूने से पहले ही पवेलियन लौट गए। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के कारण टीम दबाव में आ गई और एक बड़े स्कोर की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही थी।
ऐसे मुश्किल समय में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरे अन्वय द्रविड़ ने संयम और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उन्होंने शुरुआत में विकेट पर समय बिताया और फिर मौके मिलने पर आकर्षक शॉट्स भी लगाए। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जिसने टीम की पारी को नई दिशा दी।अन्वय ने अर्जुन राजपूत के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 145 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत की लड़खड़ाती पारी को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। जब दोनों बल्लेबाज साथ आए थे, तब भारत मुश्किल में था, लेकिन दोनों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
इस दौरान अन्वय द्रविड़ ने अपने अंडर-19 करियर का पहला अर्धशतक भी पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल था। यह उनके युवा करियर का पहला अर्धशतक होने के साथ-साथ अब तक की सबसे बड़ी पारी भी साबित हुई। उनकी बल्लेबाजी ने यह दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में भी वह लंबी और जिम्मेदार पारी खेलने की क्षमता रखते हैं।हालांकि अर्जुन राजपूत 76 रन बनाकर रन आउट हो गए, लेकिन तब तक दोनों बल्लेबाज भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। अन्वय ने इसके बाद भी अपनी पारी जारी रखी और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अन्वय द्रविड़ ने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर ही भारत की अंडर-19 टीम के लिए वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया है। पहले मुकाबले में वह केवल 14 रन ही बना सके थे, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस पारी के बाद क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें अब उनके आगामी प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में कई बार भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला था। अन्वय की यह पारी भी उसी अंदाज की झलक देती है। हालांकि किसी युवा खिलाड़ी की तुलना इतनी जल्दी करना उचित नहीं होगा, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से भविष्य के लिए मजबूत संकेत दिए हैं।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे अंडर-19 वनडे में अन्वय द्रविड़ की जिम्मेदार पारी ने साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर दबाव झेलने का माद्दा है। यदि वह इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और भरोसेमंद बल्लेबाज मिल सकता है।