Knews Desk– टीम इंडिया एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने के इरादे से मैदान पर उतरने वाली है. श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से गॉल में होगा. भारत करीब 9 साल बाद श्रीलंका की जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलने जा रहा है और शुरुआत ही उस मैदान से हो रही है, जहां स्पिन गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिलता है. गॉल की चुनौती को श्रीलंका के दो खिलाड़ी और भी मुश्किल बना सकते हैं. ये हैं अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चंडीमल और बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या.
गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में दिनेश चंडीमल का रिकॉर्ड बेहद शानदार है. लंबे समय तक श्रीलंका के विकेटकीपर-बल्लेबाज रहे चंडीमल अब मुख्य रूप से बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं और तीसरे या चौथे नंबर पर टीम को मजबूती देते हैं. उन्होंने गॉल में 44 पारियों में 1,979 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 6 शतक और 10 अर्धशतक निकले हैं. गॉल में उनका औसत करीब 55 का है और वह इस मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में चौथे नंबर पर हैं.भारत के खिलाफ भी चंडीमल का रिकॉर्ड टीम इंडिया के लिए चिंता बढ़ाने वाला है. उन्होंने भारत के खिलाफ 8 टेस्ट मैचों में करीब 50 की औसत से 750 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं. ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के सामने चंडीमल को जल्दी आउट करना बेहद जरूरी होगा. अगर वह गॉल की परिस्थितियों में जम गए तो श्रीलंका की पहली पारी को बड़ा स्कोर दे सकते हैं.
दूसरी तरफ प्रभात जयसूर्या गॉल में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं. जयसूर्या ने 30 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी से तेजी से पहचान बनाई. खासकर गॉल की पिच पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. उन्होंने इस मैदान पर सिर्फ 11 टेस्ट मैचों में 81 विकेट हासिल किए हैं. वह गॉल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में तीसरे स्थान पर हैं और 9 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं.प्रभात जयसूर्या के रिकॉर्ड की सबसे खास बात यह है कि उनके टेस्ट करियर के कुल 125 विकेट में से 81 विकेट अकेले गॉल में आए हैं. यानी इस मैदान पर उनका प्रदर्शन बाकी जगहों की तुलना में काफी ज्यादा प्रभावी रहा है. भारतीय बल्लेबाजों को उनकी फ्लाइट, टर्न और आर्म बॉल के खिलाफ बेहद सावधानी से बल्लेबाजी करनी होगी.
टीम इंडिया के लिए जयसूर्या की चुनौती इसलिए भी अलग होगी क्योंकि उन्होंने अब तक भारत के खिलाफ एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है. यानी भारतीय बल्लेबाजों के पास उनके खिलाफ टेस्ट क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है. इसके बावजूद उन्हें सीधे उनके सबसे सफल मैदान पर सामना करना होगा. वहीं चंडीमल के पास भारत के खिलाफ खेलने का अच्छा खासा अनुभव और मजबूत रिकॉर्ड मौजूद है.ऐसे में गॉल टेस्ट में टीम इंडिया की जीत की राह इन दोनों खिलाड़ियों से होकर गुजर सकती है. अगर भारतीय गेंदबाज चंडीमल को जल्दी पवेलियन भेजने में कामयाब रहते हैं और बल्लेबाज प्रभात जयसूर्या की स्पिन का तोड़ निकाल लेते हैं, तो भारत के लिए मुकाबला आसान हो सकता है. लेकिन अगर चंडीमल का बल्ला चला और जयसूर्या ने गॉल की पिच पर अपनी फिरकी का जादू दिखाया, तो टीम इंडिया के लिए 15 अगस्त से शुरू होने वाला पहला टेस्ट बेहद मुश्किल साबित हो सकता है.