Knews Desk– एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम के लिए अब स्थिति बेहद अहम हो गई है। इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से मिली हार ने टीम इंडिया के अगले दौर में पहुंचने का समीकरण बदल दिया है। टूर्नामेंट की शुरुआत भारत ने वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत के साथ की थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को शिकस्त देकर उसकी मुश्किलें बढ़ा दीं। अब भारत के सामने पाकिस्तान की चुनौती है और यह मुकाबला उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की थी। इंग्लैंड ने पहले गोल करके बढ़त बनाई, लेकिन भारत ने जल्द ही वापसी कर ली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के गोल की मदद से भारत ने पहले हाफ के अंत तक 2-1 की बढ़त बना ली थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया मुकाबले को अपने नाम कर लेगी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जबरदस्त वापसी की।इंग्लैंड ने तीसरे क्वार्टर में लगातार दो गोल दागकर मैच का रुख पलट दिया। भारतीय टीम बराबरी करने की कोशिश करती रही, लेकिन इंग्लैंड के डिफेंस के सामने उसकी कोशिशें नाकाम होती रहीं। मैच के आखिरी हिस्से में इंग्लैंड ने एक और गोल कर स्कोर 4-2 कर दिया। इस तरह भारत को टूर्नामेंट में पहली हार का सामना करना पड़ा। दो मैचों के बाद भारत के खाते में तीन अंक हैं।
अब भारत की नजरें पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर हैं। दोनों टीमों के बीच मुकाबला 19 अगस्त को खेला जाएगा। भारत के लिए यह मैच सिर्फ एक सामान्य ग्रुप मुकाबला नहीं है, बल्कि अगले दौर में पहुंचने की दिशा में सबसे अहम मुकाबला बन गया है। पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करते ही भारत के छह अंक हो जाएंगे और टीम अगले चरण के लिए अपनी जगह पक्की कर लेगी। ऐसे में भारतीय टीम को किसी दूसरे मुकाबले के नतीजे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।हालांकि, अगर भारत और पाकिस्तान का मुकाबला ड्रॉ रहता है तो समीकरण थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति में भारत को इंग्लैंड और वेल्स के बीच होने वाले मुकाबले के नतीजे पर भी नजर रखनी होगी। वहीं, पाकिस्तान के खिलाफ हार भारत के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगी। हार की स्थिति में टीम इंडिया का वर्ल्ड कप सफर यहीं खत्म हो सकता है। इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला करो या मरो की स्थिति वाला होगा।
इंग्लैंड के खिलाफ हार के साथ भारत का एक पुराना इंतजार भी जारी रहा। पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत ने आखिरी बार 1994 में इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम को जीत नहीं मिली है। 2026 के टूर्नामेंट में भी भारत के पास इस सिलसिले को खत्म करने का मौका था, लेकिन 2-4 की हार के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया।अब भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ हुई गलतियों से सबक लेकर पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरना होगा। डिफेंस में मजबूती, पेनल्टी कॉर्नर का बेहतर इस्तेमाल और पूरे मैच में दबाव बनाए रखना भारत के लिए बेहद जरूरी होगा। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत न सिर्फ भारत को अगले दौर में पहुंचाएगी, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी वापस लौटाएगी। ऐसे में 19 अगस्त को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला हॉकी वर्ल्ड कप के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बनने वाला है।