प्रयागराज में बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां पसंद की जा रही हैं, जबकि युवाओं और बड़ों के बीच रुद्राक्ष, कुंदन और मोती वाली राखियों का क्रेज है। आगरा में 1,000 रुपये का सोने की परत वाला गोल्डन घेवर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
Knews Desk– रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर उत्तर प्रदेश के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। प्रयागराज, आगरा और बहराइच समेत कई शहरों में राखियों और मिठाइयों की खरीदारी के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ नए और आकर्षक डिजाइनों की भी भरमार है।
प्रयागराज में बच्चों के बीच डोरेमोन, छोटा भीम और अलग-अलग सुपरहीरो कैरेक्टर वाली राखियां खूब पसंद की जा रही हैं। वहीं युवाओं और बड़े उम्र के लोगों के लिए रुद्राक्ष, कुंदन, मोती, मोरपंख और मेटल ब्रेसलेट डिजाइन वाली राखियां बाजार में छाई हुई हैं। स्वदेशी और पर्यावरण के अनुकूल राखियों की मांग भी देखने को मिल रही है।
राखी खरीदने पहुंच रहे ग्राहकों का कहना है कि इस बार बाजार में डिजाइन और वैरायटी तो काफी है, लेकिन कीमतें पिछले साल की तुलना में बढ़ी हुई हैं। 10वीं की छात्रा समृद्धि ने बताया कि दुकानों पर कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं, लेकिन उनके दाम पहले के मुकाबले ज्यादा हैं। वहीं गृहणी माधवी ने कहा कि बच्चों से लेकर युवाओं और बड़ों तक, सभी के लिए बाजार में अलग-अलग डिजाइन मौजूद हैं।
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाइयों की दुकानों पर भी खास तैयारी देखने को मिल रही है। घेवर, काजू कतली और रसगुल्ले जैसी पारंपरिक मिठाइयों के अलावा फैंसी मिठाइयां, ड्राई फ्रूट पैक और सोने-चांदी के वर्क से सजी मिठाइयां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
आगरा में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा सोने की परत से सजे गोल्डन घेवर की हो रही है। शाह मार्केट स्थित ब्रज रसायनम मिठाई शॉप पर बिक रहा यह खास घेवर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। घेवर को खाने योग्य असली सोने की परत से सजाया गया है, जिससे इसकी खूबसूरती और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं। एक पीस की कीमत करीब 1,000 रुपये बताई जा रही है। खास बात यह है कि कीमत अधिक होने के बावजूद इसके ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं।
आगरा के बाजारों में इस बार घेवर की करीब 21 अलग-अलग वैरायटी ग्राहकों को लुभा रही हैं, लेकिन गोल्डन घेवर अपनी अलग चमक की वजह से सबसे ज्यादा चर्चा में है। रक्षाबंधन पर लोग इसे खास उपहार के तौर पर भी खरीद रहे हैं।
वहीं बहराइच में रक्षाबंधन ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर लेकर आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी 100 से अधिक महिलाएं समूह स्तर पर राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों में पारंपरिक डिजाइनों के साथ आधुनिक पैटर्न का भी इस्तेमाल किया गया है।
महिलाओं द्वारा तैयार की गई इन राखियों की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आमदनी होगी और उनके हुनर को बाजार भी मिलेगा। इस तरह बहराइच में रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रहा है।